Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

Big Push for Semiconductors and Electronics as Yamuna Authority Clears Mega Projects

January 20, 2026

European Flavours Arrive at Yamuna Sports Complex as DDA Opens Café

January 20, 2026

Who is Satua Baba? The Godman with Crores-Worth Cars Making Waves at Magh Mela

January 20, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Health»अब 10,000 नहीं, सिर्फ 7,000 कदम रोज़ चलना भी दे सकता है बेहतर सेहत और लंबी उम्र — लैंसेट स्टडी में बड़ा खुलासा
Health

अब 10,000 नहीं, सिर्फ 7,000 कदम रोज़ चलना भी दे सकता है बेहतर सेहत और लंबी उम्र — लैंसेट स्टडी में बड़ा खुलासा

BharatSpeaksBy BharatSpeaksJuly 27, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

अगर आप रोज़ 10,000 कदम नहीं चल पाते और खुद को दोषी महसूस करते हैं, तो अब राहत की खबर है। The Lancet Public Health में प्रकाशित एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी के अनुसार, रोज़ाना सिर्फ 7,000 कदम चलना भी शरीर को गंभीर बीमारियों से बचाने और जीवन प्रत्याशा बढ़ाने के लिए पर्याप्त है।

यह शोध एक मेगा-मेटा एनालिसिस है जिसमें दुनिया भर के 57 अध्ययनों के आंकड़े, और 1.6 लाख से अधिक वयस्क प्रतिभागियों की जीवनशैली और स्वास्थ्य परिणामों का विश्लेषण किया गया।

क्या कहती है स्टडी: 7,000 कदम से मिलते हैं ये फायदे

जो लोग प्रतिदिन लगभग 7,000 कदम चलते हैं, उनके लिए शोध में निम्नलिखित स्वास्थ्य लाभ देखे गए:

🔹 मृत्यु दर में 47% की कमी
🔹 हृदय रोग (हार्ट अटैक, स्ट्रोक) का खतरा 25% कम
🔹 डिमेंशिया (स्मृति और सोचने की क्षमता में गिरावट) का खतरा 38% कम
🔹 टाइप 2 डायबिटीज़ का जोखिम 14% कम
🔹 डिप्रेशन और मानसिक तनाव का खतरा 22% तक घटा
🔹 गिरने की घटनाएं 28% तक कम
🔹 कैंसर का जोखिम भी लगभग 6% तक कम

अध्ययन के अनुसार, 7,000 कदम के बाद लाभ का ग्राफ स्थिर हो जाता है, यानी इसके ऊपर जाने से अत्यधिक अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता — जिससे यह लक्ष्य वैज्ञानिक और व्यावहारिक दोनों है।

तो 10,000 कदम का आंकड़ा कहां से आया?

आश्चर्यजनक रूप से, “10,000 कदम रोज़” चलने की अवधारणा किसी मेडिकल रिसर्च पर नहीं, बल्कि 1960 के दशक में जापान में बनाए गए एक पेडोमीटर (कदम गिनने वाली घड़ी) के विज्ञापन से शुरू हुई थी। तब से यह मिथक बन गया।

स्टडी की मुख्य शोधकर्ता डॉ. मेलोडी डिंग (University of Sydney) कहती हैं, “लोगों को निराश करने के बजाय, हमें उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए कि हर कदम कीमती है। 7,000 कदम एक यथार्थवादी और प्रभावशाली लक्ष्य है।”

कम कदम = भी बड़ा असर

स्टडी में ये भी पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन केवल 2,000 से 3,000 कदम चलते थे, उनके लिए कदमों में मात्र 1,000 की बढ़ोतरी भी स्वास्थ्य में बड़ा सुधार ला सकती है।

यानी अगर आप 2,000–3,000 कदम रोज़ चलते हैं, तो अगले सप्ताह से इसे 4,000–5,000 करने की कोशिश करें, फिर धीरे-धीरे 7,000 तक पहुंचें।

यह फिटनेस नहीं, स्थिरता और निरंतरता का मामला है।

कैसे जोड़ें 7,000 कदम अपने रुटीन में?

  • खाना खाने के बाद 10–15 मिनट टहलें
  • ऑफिस कॉल्स या मोबाइल बात करते समय चलें
  • लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें
  • पार्किंग थोड़ी दूर करें और चलकर जाएं
  • सुबह या शाम की 30 मिनट की वॉक को 2 भागों में बांट लें

आपका लक्ष्य होना चाहिए — दिन भर में 60 से 75 मिनट की हल्की-तेज़ चाल की वॉक।

विशेषज्ञों की सलाह:

  • 7,000 कदम “सभी के लिए संभव” लक्ष्य है — बुजुर्गों, व्यस्त पेशेवरों, और घर में रहने वालों के लिए भी
  • यह फिजिकल और मेंटल दोनों हेल्थ के लिए उपयोगी है
  • जरूरत नहीं कि हर कोई एथलीट बने, पर थोड़ी-थोड़ी हरकत हर उम्र के लिए लाभदायक है
  • पहले से 10,000 कदम चल रहे हैं? जारी रखें। लेकिन पीछे रह जाने पर अपराधबोध न करें

 विज्ञान कहता है—“चलते रहिए, थोड़ा भी बहुत है”

यह नई लैंसेट स्टडी हमें बताती है कि अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए अत्यधिक परिश्रम जरूरी नहीं।
7,000 कदम रोज़, एक ऐसा संतुलित, व्यावहारिक और विज्ञान-समर्थित लक्ष्य है, जो हृदय, दिमाग, हड्डियों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक “जीवनरक्षक फार्मूला” बन सकता है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous ArticleThe Soil Healer: How IAS T Vijay Kumar Sparked a Farming Revolution in Andhra Pradesh
Next Article Maharashtra Declares ‘Sarvajanik Ganeshotsav’ as Official State Festival to Celebrate Unity, Culture, and Legacy
BharatSpeaks

Related Posts

Are Lifestyle Diseases Being Manufactured? Inside India’s Packaged Food and Regulatory Crisis

January 4, 2026

Cold and Cough Myth Busted: Is Eating Oranges in Winter Actually Good for You?

January 3, 2026

Is India Eating Poison on the Streets? Serious Questions Raised Over FSSAI’s Silence

January 3, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.