नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में लाखों रुपये के सरिए को कथित तौर पर रास्ते में बेचने के बाद ट्रक को खाई में गिराकर घटना को सड़क हादसे का रूप देने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ट्रक में करीब 18 टन सरिया, लोहे के एंगल और पाइप लदे थे, लेकिन दुर्घटना के बाद वाहन से करीब 10 टन माल गायब मिला। जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह सामने आया कि गायब माल दुर्घटना से पहले ही रास्ते में बेच दिया गया था। दुर्घटना के बाद बीमा कंपनी से करीब ₹8 लाख का दावा भी लिया गया।
मामला 30 अप्रैल 2026 को कालाअंब की एक सरिया फैक्ट्री से माल रवाना किए जाने से जुड़ा है। ट्रांसपोर्टर ललित कुमार ने गुरप्रीत सिंह के ट्रक में करीब 18 टन सरिया, लोहे के एंगल और पाइप लदवाए थे। यह माल रोहड़ू पहुंचाया जाना था। ट्रक निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ा, लेकिन 2 मई को सिरमौर के सतौन क्षेत्र के हेवण के पास गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे के बाद 8 मई को ट्रक को खाई से बाहर निकाला गया। उस समय वाहन में करीब 8 टन माल ही मिला। करीब 10 टन सरिया और अन्य लोहे का सामान गायब था। इतनी बड़ी मात्रा में माल गायब होने पर ट्रांसपोर्टर को दुर्घटना की परिस्थितियों पर संदेह हुआ। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ट्रक के पूरे मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। कालाअंब से रवाना होने के समय ट्रक में पूरा माल लदा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद बद्रीपुर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी ट्रक में पर्याप्त मात्रा में माल मौजूद नजर आया। इससे जांचकर्ताओं को यह पता लगाने में मदद मिली कि माल दुर्घटना से पहले ही कहीं उतारा गया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने आया कि चालक ने कथित तौर पर हादसे से पहले कटासन के पास करीब 10 टन सरिया सौरव नाम के व्यक्ति को बेच दिया था। पुलिस के अनुसार, सौदा करीब ₹3.60 लाख में हुआ था और चालक को करीब ₹3 लाख का भुगतान भी किया जा चुका था। इसके बाद ट्रक को सतौन क्षेत्र में उस स्थान तक ले जाया गया, जहां वह गहरी खाई में गिरा।
पुलिस को यह भी संदेह है कि ट्रक को खाई में गिराने से पहले घटनास्थल की कथित तौर पर रेकी की गई थी। जिस जगह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहां कुछ समय पहले एक पिकअप भी खाई में गिरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इसी वजह से उस स्थान को चुना गया, ताकि ट्रक को खाई में गिराने के बाद घटना सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी दिखाई दे।
पूरे मामले में बीमा क्लेम का पहलू भी जांच के दायरे में है। दुर्घटना के बाद बीमा कंपनी से करीब ₹8 लाख का दावा लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर सरिया बेचने, ट्रक को दुर्घटनाग्रस्त करने और बीमा दावा लेने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी।
माल गायब होने के कारण ट्रांसपोर्टर ललित कुमार को संबंधित पार्टी को करीब ₹12 लाख का सरिया दोबारा भेजना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सिरमौर के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। निर्देश मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, ट्रक की आवाजाही, माल की डिलीवरी और कथित बिक्री से जुड़े साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस अब कथित तौर पर बेचे गए सरिए की बरामदगी, उसे खरीदने वाले व्यक्ति की भूमिका और पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दुर्घटना और बीमा दावे के बीच क्या संबंध था। सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
