प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक और उसके परिवार से ₹14.80 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को शिक्षा विभाग में कार्यरत बताने वाले शाहिद ने लखनऊ सचिवालय में बड़े अधिकारियों से पहचान होने का दावा करते हुए युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले रकम ले ली। बाद में उसने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर समेत कई दस्तावेज सौंपे। संबंधित विभाग में जांच कराने पर दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद परिवार को कथित ठगी का पता चला।
फूलपुर थाना क्षेत्र के फाजिलपुर गांव निवासी हरिशंकर यादव ने मऊआइमा थाने में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे संजय सिंह यादव की नौकरी नहीं लग रही थी और वह रोजगार की तलाश में था। शिकायत के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को संजय मऊआइमा क्षेत्र स्थित धूरीपुर मंदिर गया था। वहां उसकी मुलाकात शाहिद से हुई। बातचीत के दौरान संजय ने नौकरी और रोजगार से जुड़ी अपनी परेशानी बताई।
शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का दावा
आरोप है कि शाहिद ने खुद को शिक्षा विभाग में कार्यरत बताया और लखनऊ सचिवालय में बड़े अधिकारियों से अपनी पहचान होने का दावा किया। उसने संजय को नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर रकम की मांग की। उसके दावों पर भरोसा करते हुए परिवार ने अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹14.80 लाख दे दिए।
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर से खुला मामला
शिकायत के मुताबिक, रकम लेने के कुछ समय बाद शाहिद ने संजय को ज्वाइनिंग लेटर समेत कई कागजात दिए। परिवार को शुरुआत में दस्तावेज वास्तविक लगे, लेकिन संबंधित विभाग में जाकर जांच कराने पर उनके फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार को कथित धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने शाहिद से रकम वापस मांगनी शुरू कर दी।
पंचायत में रकम लौटाने का आश्वासन
हरिशंकर यादव का आरोप है कि परिवार ने शाहिद की तलाश कर उसके घर पहुंचकर पैसे वापस करने की मांग की। वहां शाहिद के माता-पिता और अन्य लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। शिकायत के अनुसार, पंचायत में रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया। ₹14.80 लाख में से केवल ₹50 हजार वापस किए गए। बाकी रकम धीरे-धीरे लौटाने की लिखित सहमति बनने का भी दावा किया गया।
रकम मांगने पर धमकी देने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि लिखित सहमति के बावजूद बाकी रकम वापस नहीं की गई। कई बार मांगने के बाद भी शाहिद कथित तौर पर रकम लौटाने से बचता रहा। आरोप है कि अब पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर शाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, रकम वापस दिलाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने, ज्वाइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेजों की वास्तविकता तथा धमकी के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शाहिद ने इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को नौकरी का झांसा देकर रकम तो नहीं ली है।
