नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारतीय नागरिकों के रूस की सेना में शामिल होने की कोशिशों को लेकर भारत सरकार ने कड़ी चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीयों को रूस की सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने के लिए वहां की यात्रा करने से स्पष्ट रूप से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा कि युद्ध क्षेत्र में जाना बेहद जोखिम भरा है और ऐसे किसी भी कदम से लोगों की जान पर सीधा और गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि रूस जाकर उसकी सेना में शामिल होना बेहद खतरनाक रास्ता है। सरकार भारतीय नागरिकों को इस तरह का कदम उठाने से दृढ़ता से रोकती है। मंत्रालय की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब रूस-यूक्रेन संघर्ष जारी है और युद्ध क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही हैं।
नागरिकता छोड़ने की मंशा पर भी चिंता
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके संज्ञान में ऐसी जानकारी आई है कि कुछ भारतीय नागरिक रूस की सेना में शामिल होने के लिए अपनी भारतीय नागरिकता तक छोड़ने की मंशा रखते हैं। सरकार ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों से किसी भी फैसले के व्यापक परिणामों को समझने की अपील की है।
मंत्रालय के मुताबिक, किसी विदेशी देश की सेना में सैन्य सेवा से जुड़े फैसले के कानूनी और व्यक्तिगत परिणाम हो सकते हैं। खासतौर पर युद्ध क्षेत्र में तैनाती की स्थिति में व्यक्ति को ऐसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, जिनका अनुमान सामान्य परिस्थितियों में लगाना मुश्किल होता है।
युद्ध क्षेत्र में जान का सीधा खतरा
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को आगाह किया है कि युद्ध क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का हिस्सा बनने से जान का गंभीर और घातक खतरा बना रहता है। रूस-यूक्रेन संघर्ष में विभिन्न इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ जमीनी सैन्य कार्रवाई भी जारी रही है। ऐसे हालात में सैन्य सेवा के लिए किसी युद्ध प्रभावित क्षेत्र में जाना सामान्य रोजगार या विदेश यात्रा जैसा नहीं माना जा सकता।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सैन्य सेवा के नाम पर रूस जाने से पहले इसके जोखिमों और संभावित कानूनी परिणामों को पूरी तरह समझें। मंत्रालय ने विशेष रूप से उन लोगों को सावधान रहने को कहा है, जिन्हें एजेंटों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से नौकरी, बेहतर वेतन या दूसरे लाभ का लालच दिया जा रहा हो।
एजेंटों के प्रलोभन से बचने की अपील
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे किसी एजेंट के बहकावे में आकर रूस या किसी अन्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में सैन्य सेवा के लिए न जाएं। सरकार की सलाह का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को संभावित धोखाधड़ी, जबरन सैन्य सेवा और युद्ध के जोखिमों से बचाना है।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और किसी भी प्रस्ताव की वास्तविकता तथा उसके कानूनी प्रभाव की जांच किए बिना विदेश जाने का फैसला नहीं करने को कहा है। खासकर सैन्य भर्ती से जुड़े प्रस्तावों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
रूस की सेना में भारतीय नागरिकों की कथित भर्ती का मुद्दा पहले भी भारत और रूस के बीच चर्चा में रहा है। भारत सरकार ने ऐसे मामलों में भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई और स्वदेश वापसी का मुद्दा उठाया है। विदेश मंत्रालय की मौजूदा चेतावनी में भी नागरिकों को किसी एजेंट, भर्ती प्रस्ताव या आर्थिक प्रलोभन के आधार पर युद्ध क्षेत्र तक पहुंचने से रोकने पर जोर दिया गया है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सैन्य सेवा के लिए रूस की यात्रा करना अत्यंत गंभीर जोखिम वाला फैसला हो सकता है। नागरिकों को संभावित आर्थिक लाभ या रोजगार के वादों के बजाय अपनी सुरक्षा, कानूनी स्थिति और भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
