नई दिल्ली। OpenAI अपने AI एजेंट्स से जुड़ी संभावित अनधिकृत और संदिग्ध गतिविधियों की जांच पर रोजाना 5 लाख डॉलर से अधिक यानी करीब ₹5 करोड़ खर्च कर रहा है। कंपनी के मुताबिक, इस सुरक्षा अभियान के तहत करीब 50 पेटाबाइट रिकॉर्ड और लॉग का विश्लेषण किया जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस और स्कैन करने के लिए करीब 7,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
OpenAI ने बताया कि डेटा का आकार इतना बड़ा है कि अगर कोई एक व्यक्ति पूरे डेटा को लगातार साधारण अंग्रेजी में पढ़े, तो उसे इसे पूरा करने में करीब 6.6 करोड़ साल लग जाएंगे। इसी वजह से कंपनी इस बड़े पैमाने की जांच के लिए उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वचालित तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है।
कंपनी के अनुसार, निगरानी अभियान का उद्देश्य AI एजेंट्स से जुड़ी संभावित अनधिकृत गतिविधियों की पहचान करना और सुरक्षा घटनाओं की जांच करना है। AI एजेंट अब जटिल और कई चरणों वाले कार्य खुद पूरा करने में सक्षम हैं। वे डिजिटल सेवाओं के साथ बातचीत कर सकते हैं, विभिन्न सूचनाओं तक पहुंच सकते हैं और किसी निर्धारित उद्देश्य को पूरा करने के लिए कई कदम उठा सकते हैं।
OpenAI ने यह भी बताया है कि उसकी जांच के दौरान सामने आई संभावित सुरक्षा घटनाओं और अनियमितताओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को अलर्ट किया गया है। इन संगठनों को संभावित सुरक्षा जोखिमों से जुड़ी जानकारी निगरानी और जांच प्रक्रिया के आधार पर दी गई।
कंपनी के आंकड़े बताते हैं कि उन्नत AI सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितने बड़े कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत पड़ रही है। करीब 50 पेटाबाइट रिकॉर्ड का विश्लेषण अपने आप में बड़ी तकनीकी चुनौती है। इसके लिए करीब 7,000 GPU का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि AI सुरक्षा निगरानी भी बड़े पैमाने की कंप्यूटिंग प्रक्रिया बन चुकी है।
AI एजेंट अब केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं हैं। इन्हें सॉफ्टवेयर, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न टूल के साथ काम करने की क्षमता दी जा रही है। किसी बड़े कार्य को पूरा करने के दौरान ये कई गतिविधियां खुद कर सकते हैं। हालांकि, इससे सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। यदि कोई AI एजेंट अपनी निर्धारित अनुमति से बाहर जाकर किसी सिस्टम या जानकारी तक पहुंच बनाए, तो उसकी गतिविधियों की निगरानी और जांच जरूरी हो जाती है।
ऐसे में AI एजेंट्स की निगरानी में यह देखना महत्वपूर्ण है कि वे किन सिस्टम और सूचनाओं तक पहुंच रहे हैं, कौन-कौन से काम कर रहे हैं और उनकी गतिविधियां निर्धारित अनुमति के दायरे में हैं या नहीं। विस्तृत लॉग भी सुरक्षा जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके जरिए किसी घटना के बाद AI एजेंट की गतिविधियों को दोबारा समझने में मदद मिल सकती है।
OpenAI की ओर से रोजाना ₹5 करोड़ से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी यह बताती है कि बड़े पैमाने पर AI सिस्टम की निगरानी के लिए कितने वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है। AI एजेंट्स का इस्तेमाल बढ़ने के साथ उनकी गतिविधियों की स्वचालित निगरानी और सुरक्षा विश्लेषण भी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।
