चंडीगढ़। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हैदराबाद से आई इंडिगो की एक फ्लाइट के अंदर एक पावर बैंक में अचानक आग लग गई। विमान के लैंड करने के बाद जब यात्री उतरने की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान केबिन में धुआं फैल गया, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
अधिकारियों के अनुसार इस घटना के बाद तुरंत विमान को खाली कराया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान छह यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। बाकी सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इस घटना ने एक बार फिर हवाई सुरक्षा और विशेष रूप से पावर बैंक जैसे लिथियम बैटरी उपकरणों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में इस तरह की घटनाएं बढ़ने के बाद DGCA ने कई सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।
DGCA के नियमों के अनुसार, यात्री पावर बैंक केवल हैंड बैगेज में ही ले जा सकते हैं। इसे ओवरहेड बिन में रखने पर सख्त रोक है क्योंकि ऐसी स्थिति में आग लगने पर तुरंत पहचान करना मुश्किल हो जाता है। साथ ही उड़ान के दौरान पावर बैंक से किसी भी डिवाइस को चार्ज करने की अनुमति नहीं है।
विमानन नियामक ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि एयरलाइंस को यात्रियों को पावर बैंक सुरक्षा के बारे में जागरूक करना होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बैटरी टर्मिनल को सुरक्षित रखें और किसी भी तरह के शॉर्ट सर्किट से बचें। यदि किसी डिवाइस से गर्मी या धुआं निकलता है तो तुरंत क्रू को सूचना देने के निर्देश हैं।
यह घटना विमानन क्षेत्र में बढ़ती बैटरी सुरक्षा चुनौतियों को दर्शाती है, जहां छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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लिथियम-आयन बैटरियों से जुड़े जोखिम को लेकर विमानन उद्योग लंबे समय से सतर्क है। विशेषज्ञों के अनुसार पावर बैंक और मोबाइल बैटरी अत्यधिक दबाव या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में तेजी से गर्म होकर आग पकड़ सकते हैं, जिससे केबिन वातावरण में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इनके उपयोग पर कड़े नियम लागू किए गए हैं।
हाल के वर्षों में दुनिया भर में कई उड़ानों में पावर बैंक और लिथियम बैटरी से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। एयरलाइंस अब यात्रियों को चेक-इन और बोर्डिंग के समय स्पष्ट रूप से इन नियमों की जानकारी देने पर जोर दे रही हैं।
इंडिगो की ओर से इस घटना पर तत्काल जांच शुरू कर दी गई है और विमान के भीतर सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। एयरलाइन अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की स्थिति जांच लें और किसी भी तरह की खराब बैटरी या असुरक्षित पावर बैंक को उड़ान में साथ न ले जाएं। नियमों का पालन करना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि पूरे विमान की सुरक्षा के लिए आवश्यक माना जाता है।
कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर स्पष्ट करती है कि तकनीकी सुविधाओं के साथ सुरक्षा मानकों का संतुलन कितना जरूरी है। छोटे से दिखने वाले उपकरण भी बड़े जोखिम का कारण बन सकते हैं, इसलिए विमानन क्षेत्र में सतर्कता और सख्ती अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
इस घटना ने विमानन उद्योग, नियामक एजेंसियों और यात्रियों तीनों के लिए एक बार फिर चेतावनी का काम किया है कि सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
