नई दिल्ली: मारुति सुजुकी इंडिया ने रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के उस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है, जिसमें कंपनी को एक ग्राहक की ग्रैंड विटारा कार को नए E20-संगत मॉडल से बदलने या वाहन की खरीद कीमत लौटाने का निर्देश दिया गया है। कंपनी का कहना है कि मामले में वाहन की तकनीकी खराबी का कारण E20 ईंधन नहीं, बल्कि वाहन से लिए गए ईंधन के नमूने में पाया गया संदूषण था।
कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि संबंधित वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के अनुकूल है और इसकी जानकारी वाहन के ओनर्स मैनुअल में भी स्पष्ट रूप से दी गई है। मारुति सुजुकी के अनुसार, जांच के दौरान वाहन से एकत्र किए गए ईंधन में संदूषण के पर्याप्त प्रमाण मिले थे, जबकि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उपभोक्ता आयोग के आदेश में उल्लेख नहीं किया गया।
मारुति सुजुकी ने कहा कि वह कानून के अनुरूप उचित उच्च न्यायिक मंच के समक्ष इस आदेश को चुनौती देगी। कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह गुणवत्ता, सुरक्षा और ग्राहक संतुष्टि के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा मजबूत इंजीनियरिंग, विनिर्माण प्रक्रियाओं और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों के माध्यम से अपने उत्पादों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।
इससे पहले रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ग्राहक की शिकायत को सही ठहराते हुए कहा था कि वाहन में बार-बार इंजन संबंधी समस्या सामने आई। शिकायतकर्ता का दावा था कि एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद वाहन में इंजन स्टॉल होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता की ग्रैंड विटारा को नए E20-संगत मॉडल से बदले या वाहन की पूरी खरीद कीमत वापस करे।
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यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में E20 ईंधन के उपयोग को लेकर बहस जारी है। सरकार चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, जबकि वाहन निर्माता कंपनियां और उद्योग संगठन लगातार यह कहते रहे हैं कि E20 ईंधन उन वाहनों के लिए सुरक्षित है जिन्हें इसके अनुरूप डिजाइन और प्रमाणित किया गया है।
मारुति सुजुकी का कहना है कि इस मामले को E20 ईंधन की अनुकूलता से जोड़ना उचित नहीं है, क्योंकि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य ईंधन में संदूषण की ओर संकेत करते हैं। कंपनी का मानना है कि सभी तथ्यों पर समुचित विचार होने के बाद उच्च न्यायिक मंच पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह मामला E20 ईंधन की विश्वसनीयता, वाहन निर्माताओं की जिम्मेदारी और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। अब इस विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और उच्च मंच के निर्णय पर सभी की नजर रहेगी।
