हैदराबाद: हैदराबाद पुलिस की सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कथित मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और मनी सर्कुलेशन योजना से जुड़े ₹7.50 लाख की धोखाधड़ी के मामले में गोवा से QNET के पांच कथित प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गोवा के कैंडोलिम स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित कंपनी कार्यक्रम के दौरान की। छापेमारी में तीन लग्जरी वाहन, पांच मोबाइल फोन और कई डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केरल निवासी मोहम्मद फवाज, अश्विन सुरेश, विनु जॉनसन डी’क्रूज़, मनोज रवींद्रन नायर सुब्बालक्ष्मी और वारिकोट्टुचालिल सिवाराजन बालराज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को गोवा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें हैदराबाद लाने के लिए ट्रांजिट वारंट जारी किया गया।
मामला सरदार शरणपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हैदराबाद और बेंगलुरु में जिम के लिए जगह तलाशने के दौरान इंस्टाग्राम के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया। इसके बाद उन्हें एक आकर्षक व्यावसायिक अवसर का हवाला देकर बेंगलुरु बुलाया गया, जहां QNET को लग्जरी उत्पादों के वैध कारोबार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रस्तुतियों, सफलता की कहानियों और अधिक आय के वादों के माध्यम से उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। पहले ₹30,000 बुकिंग राशि के रूप में जमा कराए गए और बाद में कुल ₹7.50 लाख निवेश करने के लिए कथित तौर पर राजी किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान लिखित संवाद से बचते हुए केवल फोन कॉल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से संपर्क बनाए रखा तथा उन्हें इस प्रस्ताव को गोपनीय रखने के लिए भी कहा।
Registration Begins for FutureCrime Summit 2026, India’s Largest Cybercrime Conference
बाद में शिकायतकर्ता ने कंपनी के बारे में स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाई, जहां उन्हें कथित पिरामिड और मनी सर्कुलेशन योजनाओं से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि QNET से जुड़े कई प्रतिनिधि गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इसके बाद EOW की विशेष टीम गोवा पहुंची और कैंडोलिम स्थित रिसॉर्ट पर छापेमारी की। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्धों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्यक्तिगत मुलाकातों और ऑनलाइन सत्रों के माध्यम से लोगों को नेटवर्क से जोड़ते थे। उन्हें हर महीने अधिक आय का लालच दिया जाता था और बदले में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित नेटवर्क में अब तक कितने लोगों को शामिल किया गया और निवेश के नाम पर कितनी राशि जुटाई गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक टोयोटा फॉर्च्यूनर, एक एमजी हेक्टर, एक किआ वाहन और पांच मोबाइल फोन जब्त किए। मोबाइल फोन से प्राप्त व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम संदेश, ई-मेल और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, धन के प्रवाह और संभावित पीड़ितों की पहचान की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
