कानपुर: शराब कारोबार से जुड़ी दो कंपनियों के कारोबार और आयकर भुगतान में बड़े अंतर की आशंका के बीच आयकर विभाग ने बुधवार को कानपुर में व्यापक सर्वे की कार्रवाई की। विभाग की अलग-अलग टीमों ने राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टरीज से जुड़े सात ठिकानों पर एक साथ जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों का सालाना कारोबार करीब ₹1,400 से ₹1,500 करोड़ के बीच है, जबकि इनके द्वारा भुगतान किया जाने वाला आयकर कथित तौर पर केवल ₹8 से ₹9 करोड़ के आसपास है। इस अंतर को देखते हुए विभाग ने संभावित कर चोरी के पहलुओं की जांच शुरू की है।
कार्रवाई के लिए 60 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने रनिया स्थित कंपनी की दो इकाइयों के अलावा स्वरूपनगर, तिलकनगर, फजलगंज, शास्त्रीनगर और माल रोड स्थित कार्यालयों में एक साथ सर्वे किया। अधिकारियों ने कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन से संबंधित दस्तावेज, आय-व्यय का विवरण और अन्य कारोबारी कागजात की जांच की। विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कंपनी ने अपनी वास्तविक आय और कारोबार को किस तरह दर्ज किया और क्या किसी हिस्से को जानबूझकर कम दिखाया गया।
आय-व्यय में अंतर की जांच
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसे दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है, जिनसे संभावित कर चोरी की परतें खुल सकती हैं। विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि कंपनियों की वास्तविक कमाई और खर्च की तुलना में दस्तावेजों में कितनी रकम दिखाई गई। आशंका है कि कारोबार से होने वाली आय का एक हिस्सा अलग-अलग माध्यमों से समायोजित कर कम आय के रूप में दर्शाया गया हो।
जांच में कंपनियों की कमाई को इधर-उधर करने और उसके बाद कानपुर सहित देश के विभिन्न शहरों में संपत्तियां खरीदने से जुड़े दस्तावेज भी मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा विदेशी शराब कारोबार से जुड़ी एक कंपनी में इनकी साझेदारी की जानकारी भी विभाग को मिली है। आयकर अधिकारी अब इन निवेशों और कंपनियों के घोषित कारोबार के बीच संबंधों की जांच कर रहे हैं।
तिलकराज शर्मा के परिवार की भूमिका
राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टरीज का संचालन कारोबारी तिलकराज शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। परिवार के सदस्य भी कंपनियों में निदेशक के रूप में शामिल हैं। दोनों कंपनियां अलग-अलग शराब ब्रांड के साथ-साथ देसी शराब के कारोबार से जुड़ी हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों का स्वरूप क्या है।
सर्वे के दौरान अधिकारियों ने कंपनी के कार्यालयों और अन्य परिसरों में उपलब्ध रिकॉर्ड को खंगाला। कारोबार की वास्तविक स्थिति और आयकर रिटर्न में घोषित आंकड़ों के बीच अंतर मिलने पर विभाग आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान करेगा। फिलहाल सर्वे की कार्रवाई के आधार पर कर चोरी की अंतिम राशि निर्धारित नहीं की गई है।
ल्यूमेक एनर्जी पर भी GST की कार्रवाई
इसी बीच, डिफेंस उत्पादों की आपूर्ति करने वाली ल्यूमेक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी राज्य GST विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग की चार टीमों ने कंपनी से जुड़े परिसरों पर जांच की। अधिकारियों ने कारोबारी रिकॉर्ड और GST से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
आयकर विभाग की शराब कारोबार से जुड़ी कंपनियों पर कार्रवाई और राज्य GST की अलग जांच ने कानपुर में कारोबारी गतिविधियों की वित्तीय निगरानी को लेकर हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों मामलों में जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। आयकर विभाग राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टरीज के खातों, संपत्तियों, निवेश और लेनदेन का विस्तृत मिलान कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक कर देनदारी कितनी है और कथित कर चोरी में कितनी रकम शामिल है। फिलहाल विभाग की कार्रवाई जारी है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
