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क्राइम

पंजाब मूल के कनाडाई पुलिस अधिकारी पर धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप, 9 मामले दर्ज

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 4, 2026No Comments4 Mins Read
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किड्सप्ले फाउंडेशन के प्रमुख कलविंदर दोसांझ पर 2017 से 2025 के बीच धोखाधड़ी, चोरी और सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के आरोप; बचाव पक्ष ने कहा—कोई अपराध नहीं किया
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चंडीगढ़। पंजाब मूल के कनाडाई पुलिस अधिकारी और बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था किड्सप्ले फाउंडेशन के प्रमुख कलविंदर (कल) दोसांझ पर धोखाधड़ी, चोरी और सार्वजनिक पद पर विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। कनाडाई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 50 वर्षीय दोसांझ को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गिरफ्तार किया गया है। उनके वकीलों ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि गिरफ्तारी को अपराध का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
वैंकूवर पुलिस विभाग के मुताबिक, दोसांझ के खिलाफ आरोप करीब ढाई साल तक चली एक गुप्त जांच के बाद लगाए गए हैं। विभाग ने शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें मुख्य पुलिस अधिकारी स्टीव राय और जांच का नेतृत्व करने वाले अधीक्षक माइक रिची मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
ब्रिटिश कोलंबिया अभियोजन सेवा की डेमियन डार्बी के अनुसार, दोसांझ पर कुल नौ आरोप लगाए गए हैं। इनमें 5,000 कनाडाई डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के चार मामले, 5,000 डॉलर से अधिक की चोरी के चार मामले और सार्वजनिक अधिकारी के रूप में विश्वासघात का एक मामला शामिल है।
मामले में सरबजीत सिंह गिल नामक 51 वर्षीय व्यक्ति को भी सह-आरोपी बनाया गया है। गिल पर धोखाधड़ी और चोरी से जुड़े छह आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कथित अपराध 8 दिसंबर 2017 से 25 जुलाई 2025 के बीच वैंकूवर, सरे और ब्रिटिश कोलंबिया के अन्य इलाकों में हुए।
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, दोसांझ न्याय केंद्र में पेश हुए और अगली सुनवाई तक हिरासत में हैं। उनकी अगली पेशी 17 सितंबर को वैंकूवर प्रांतीय अदालत में होगी। इसी सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तारीख तय किए जाने की संभावना है। अदालत ने उनकी जमानत सुनवाई से जुड़ी जानकारी के प्रकाशन पर भी रोक लगाई है और जमानत सुनवाई की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
पुलिस ने कथित जांच के दौरान कई स्थानों पर तलाशी भी ली। इनमें सरे स्थित किड्सप्ले फाउंडेशन के कार्यालय भी शामिल हैं। दोसांझ ने 2015 में इस संस्था की स्थापना की थी। कनाडा सरकार के संघीय रिकॉर्ड के अनुसार, संस्था को 2019 में पंजीकृत धर्मार्थ संगठन का दर्जा मिला था। रिकॉर्ड में दोसांझ को 2025 तक संस्था के निदेशक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि संस्था की वेबसाइट के अनुसार वह अभी भी इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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किड्सप्ले फाउंडेशन जोखिमग्रस्त और जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था के रूप में जानी जाती है। बच्चों और समुदाय के लिए किए गए कार्यों को लेकर दोसांझ को कई सम्मान भी मिल चुके हैं। इनमें किंग चार्ल्स तृतीय का कोरोनेशन मेडल और क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का प्लेटिनम जुबली मेडल शामिल हैं।
दोसांझ का वैंकूवर पुलिस विभाग के साथ 25 वर्षों से अधिक का करियर रहा है। उन्होंने विभाग में कई जिम्मेदारियां संभाली हैं और वित्तीय अपराध इकाई में वरिष्ठ जासूस के तौर पर भी काम किया है। यही वजह है कि उनके खिलाफ दर्ज आरोपों ने पुलिस विभाग के भीतर भी विशेष ध्यान खींचा है।
दोसांझ के वकीलों की ओर से जारी बयान में आरोपों को खारिज किया गया है। उनके कानून कार्यालय ने कहा कि दोसांझ ने कोई अपराध नहीं किया है और किसी भी गलत काम के लिए दोषी नहीं हैं। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या गिरफ्तारी की खबर अपने आप में अपराध, कदाचार या आपराधिक जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं होती।
वैंकूवर पुलिस की जांच करीब ढाई साल तक चली, लेकिन अभी तक अधिकारियों ने कथित धोखाधड़ी और चोरी के तरीके या वित्तीय नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल दोसांझ और सह-आरोपी गिल के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं। कनाडा की न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोनों को तब तक निर्दोष माना जाएगा, जब तक अदालत में उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो जाते।
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