नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधानों में खास तौर पर 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सामान्य पासपोर्ट की पेज संख्या और वैधता को स्पष्ट किया गया है। इसके अलावा पासपोर्ट आवेदन शुल्क से जुड़े नियम की भाषा में भी बदलाव किया गया है। नए नियमों के मुताबिक 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी होने वाला सामान्य पासपोर्ट 36 पेज का होगा। इसकी वैधता जारी होने की तारीख से पांच साल या बच्चे के 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक रहेगी। दोनों में जो अवधि पहले खत्म होगी, उसी समय पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो जाएगी।
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन किया है। इसके लिए पासपोर्ट्स अमेंडमेंट रूल्स, 2026 को अधिसूचित किया गया। अधिसूचना 15 सितंबर 2026 को जारी की गई थी और 17 सितंबर को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुई। नियमों में किए गए बदलाव राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू माने गए हैं।
नए प्रावधान के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे के सामान्य पासपोर्ट में 36 पेज होंगे। पहले बच्चे के पासपोर्ट से जुड़े प्रावधानों में जो भी व्यवस्था लागू थी, अब संशोधित नियम में इस आयु वर्ग के लिए पेजों की संख्या स्पष्ट रूप से तय कर दी गई है।
पासपोर्ट की वैधता के मामले में भी नया प्रावधान महत्वपूर्ण है। नियम के मुताबिक पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल तक या बच्चे के 18 वर्ष का होने तक वैध रहेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी 10 साल के बच्चे को पासपोर्ट जारी होता है तो वह सामान्य तौर पर पांच साल तक वैध रहेगा। लेकिन 14 साल के बच्चे को जारी पासपोर्ट की स्थिति अलग होगी। पांच साल बाद उसकी उम्र 19 वर्ष हो जाएगी, जबकि नियम 18 वर्ष की उम्र तक की सीमा तय करता है। ऐसे में पासपोर्ट बच्चे के 18 साल का होने तक ही वैध रहेगा।
वहीं, 8 साल की उम्र में पासपोर्ट जारी होने पर पांच साल की अवधि पूरी होने तक बच्चा 13 साल का होगा। इस स्थिति में पांच साल की अवधि पहले पूरी होगी और पासपोर्ट उसी अवधि तक वैध रहेगा।
नए प्रावधान को 15 से 18 साल की उम्र के सभी आवेदकों पर अपने आप लागू नहीं माना जाएगा। संशोधन विशेष रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चे के सामान्य पासपोर्ट से संबंधित है। 15 से 18 वर्ष की आयु के आवेदकों के लिए पासपोर्ट की श्रेणी, वैधता और शुल्क आवेदन की संबंधित श्रेणी और उस समय लागू नियमों के आधार पर तय होंगे।
पासपोर्ट आवेदन शुल्क के नियम में भी बदलाव किया गया है। पासपोर्ट नियम, 1980 के नियम 8 के उप-नियम 1 में संशोधन करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक प्रकार के पासपोर्ट आवेदन के लिए अनुसूची-4 में संबंधित श्रेणी के सामने निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसका मतलब यह है कि सभी प्रकार के पासपोर्ट आवेदनों के लिए एक समान शुल्क नहीं होगा। नया पासपोर्ट, दोबारा जारी कराने, बच्चों के पासपोर्ट, पेजों की अलग संख्या या अन्य सेवा श्रेणियों के लिए अनुसूची-4 में लागू शुल्क देखा जाएगा।
हालांकि, नए संशोधन में पासपोर्ट शुल्क की कोई नई रकम घोषित नहीं की गई है। इसलिए केवल इस अधिसूचना के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि सभी पासपोर्ट महंगे हो गए हैं। आवेदन करने वालों को अपनी संबंधित श्रेणी के अनुसार लागू शुल्क की जांच करनी होगी।
माता-पिता के लिए आवेदन करते समय बच्चे की सही जन्मतिथि, उम्र और पासपोर्ट श्रेणी दर्ज करना जरूरी होगा। शुल्क जमा करने से पहले संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा शुल्क की जानकारी जांचना भी जरूरी है। खास तौर पर 15 साल से कम उम्र के बच्चे का पासपोर्ट बनवाते समय 36 पेज और पांच साल या 18 वर्ष की उम्र, जो पहले हो, वाली वैधता को ध्यान में रखना होगा।
