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Policy Watch

AI स्पैम कॉल पर ट्राई की सख्ती, निजी नंबर से अनचाही कमर्शियल कॉल पर कार्रवाई

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 18, 2026No Comments3 Mins Read
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टेलीकॉम कंपनियों को AI से की जाने वाली ऑटोमेटेड कॉल की जानकारी देनी होगी; वैध कमर्शियल कॉल के लिए तय नंबर सीरीज जरूरी, अप्रैल-जून 2026 में 22.99 अरब कॉल संदिग्ध स्पैम के रूप में चिह्नित
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नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बड़े पैमाने पर की जा रही ऑटोमेटेड स्पैम कॉल पर अंकुश लगाने की तैयारी तेज हो गई है। दूरसंचार नियामक ट्राई शुक्रवार को AI आधारित ऑटोमेटेड कॉल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत AI ऑटोमेटेड कॉल करने वाली कंपनियों को अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को इसकी जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य वैध ऑटोमेटेड कॉल और अनचाही या संदिग्ध स्पैम कॉल के बीच अंतर करना है, ताकि वैध कॉल को अनावश्यक रूप से ब्लॉक किए बिना संदिग्ध कॉल की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
नई व्यवस्था में कमर्शियल कॉल के लिए निर्धारित और वैध नंबर सीरीज का इस्तेमाल करना जरूरी होगा। कंपनियां निजी 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से स्पैम या अनचाही कमर्शियल कॉल नहीं कर सकेंगी। ऐसे निजी नंबरों से कमर्शियल या स्पैम कॉल किए जाने पर संबंधित कॉलर की जवाबदेही तय की जा सकती है और नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
ट्राई के मौजूदा नियमों में भी अनरजिस्टर्ड सेंडर्स की ओर से की जाने वाली अनचाही कमर्शियल कॉल पर कार्रवाई का प्रावधान है। नई गाइडलाइंस का फोकस AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने पर है।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

AI ऑटोमेटेड स्पैम कॉल क्या होती है?

AI ऑटोमेटेड स्पैम कॉल ऐसी कॉल होती हैं, जिनमें किसी व्यक्ति के बजाय ऑटोमेटेड सिस्टम या AI आधारित वॉयस एजेंट कॉल करता है। ये सिस्टम सामने वाले व्यक्ति की बात सुनकर उसके अनुसार जवाब भी दे सकते हैं, जिससे बातचीत कई बार सामान्य मानवीय कॉल जैसी लगती है।
ट्राई के अनुसार रोबोकॉल ऐसी कॉल होती है, जिसमें इंसानी कॉलर की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना कृत्रिम या पहले से रिकॉर्ड की गई आवाज के माध्यम से बातचीत की जाती है। AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से ऐसी कॉल अब केवल रिकॉर्डेड संदेश तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि कुछ सिस्टम वास्तविक समय में बातचीत करने में भी सक्षम हैं।
इन कॉल्स की सबसे बड़ी चुनौती उनका बड़े पैमाने पर किया जाना है। ऑटोमेटेड सिस्टम कम समय में बड़ी संख्या में मोबाइल नंबरों पर कॉल कर सकते हैं। इससे लोगों को एक ही दिन में कई अनचाही कॉल का सामना करना पड़ सकता है। लगातार आने वाली ऐसी कॉल के कारण जरूरी फोन छूटने, समय बर्बाद होने और उपभोक्ताओं को असुविधा होने की आशंका रहती है।
स्पैम कॉल का एक दूसरा जोखिम साइबर धोखाधड़ी से भी जुड़ा है। अनचाही मार्केटिंग कॉल के अलावा कुछ कॉल में लोगों से बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य संवेदनशील विवरण हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। AI आधारित आवाज और बातचीत की क्षमता ऐसे प्रयासों को अधिक विश्वसनीय बना सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए संदिग्ध कॉल की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
टेलीकॉम कंपनियों के AI आधारित निगरानी सिस्टम पहले से ही बड़ी संख्या में कॉल की जांच कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के दौरान इन सिस्टम ने 22.99 अरब इनकमिंग कॉल को संदिग्ध स्पैम के तौर पर चिह्नित किया था। इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध कॉल सामने आने के बीच नियामक अब AI आधारित ऑटोमेटेड कमर्शियल कॉल के लिए अलग अनुपालन व्यवस्था स्पष्ट करने जा रहा है।
नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद AI आधारित कॉल करने वाली कंपनियों और टेलीकॉम ऑपरेटरों की जिम्मेदारियां अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी कमर्शियल कॉल तय नंबर सीरीज और लागू नियमों के अनुरूप हों, जबकि ऑपरेटरों को वैध और संदिग्ध कॉल के बीच अंतर करने के लिए उपलब्ध तकनीकी प्रणालियों का इस्तेमाल करना होगा।
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