वियना। ऑस्ट्रिया की अदालत ने मंगलवार को पूर्व अरबपति रियल एस्टेट कारोबारी रेने बेन्को को दिवालियापन से जुड़ी धोखाधड़ी के एक अतिरिक्त मामले में दोषी ठहराया। दोबारा हुई सुनवाई के बाद उनकी जेल की सजा दो साल से बढ़ाकर 30 महीने कर दी गई है। यह मामला बेन्को द्वारा स्थापित सिग्ना रियल एस्टेट समूह के पतन से जुड़ी व्यापक आपराधिक जांच से सामने आया पहला प्रमुख मामला है। सिग्ना का 2023 के अंत में हुआ पतन ऑस्ट्रिया की युद्ध के बाद की सबसे बड़ी दिवालियापन घटनाओं में शामिल रहा है और इससे पूरे यूरोप में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
इंसब्रुक की अदालत ने बेन्को को एक मामले में पहले ही दोषी ठहराया था। यह मामला 2023 के अंत में उनकी मां को करीब €3 लाख यानी लगभग ₹3.28 करोड़ के ट्रांसफर से जुड़ा था। उस समय सिग्ना गंभीर वित्तीय संकट में थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह रकम इस तरह ट्रांसफर की गई थी कि वह कंपनी के लेनदारों की पहुंच से बाहर हो जाए। अदालत ने इस लेनदेन को दिवालियापन से जुड़े अपराध के दायरे में माना और बेन्को को दोषी ठहराया था।
हालांकि, इसी सुनवाई में करीब €3.60 लाख यानी लगभग ₹3.94 करोड़ के एक अन्य भुगतान को लेकर उन्हें पहले बरी कर दिया गया था। यह रकम इंसब्रुक स्थित एक मकान के अग्रिम किराये के तौर पर दी गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि वित्तीय संकट से गुजर रही स्थिति में इतना बड़ा अग्रिम किराया देना आर्थिक रूप से उचित नहीं था। बेन्को की ओर से भी इस फैसले के खिलाफ अपील की गई थी।
बाद में ऑस्ट्रिया की सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में हुई दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन अग्रिम किराये से जुड़े आरोप पर दोबारा सुनवाई का आदेश दिया। इसी आदेश के तहत इंसब्रुक में मंगलवार को पुनः सुनवाई हुई। एक दिन चली इस सुनवाई के अंत में अदालत ने बेन्को को मकान के अग्रिम किराये से जुड़े आरोप में दोषी ठहराया।
अदालत ने हालांकि मकान से संबंधित कुछ अन्य अग्रिम परिचालन खर्चों को लेकर उन्हें दोषी नहीं माना और इन आरोपों से बरी कर दिया। इस तरह दोबारा सुनवाई के बाद बेन्को के खिलाफ एक अतिरिक्त दोषसिद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी कुल जेल सजा 30 महीने हो गई।
रेने बेन्को कभी ऑस्ट्रिया के सबसे चर्चित रियल एस्टेट कारोबारियों में शामिल थे। उन्होंने सिग्ना समूह का निर्माण किया था, जिसने यूरोप के कई देशों में बड़े वाणिज्यिक और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया। समूह के विस्तार के साथ बेन्को की संपत्ति भी तेजी से बढ़ी और वह अरबपति के रूप में पहचाने जाने लगे। लेकिन ऊंची ब्याज दरों, रियल एस्टेट बाजार में दबाव और समूह की वित्तीय समस्याओं के बीच सिग्ना की स्थिति बिगड़ती गई।
2023 के अंत में सिग्ना समूह ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया। इसके बाद समूह की विभिन्न कंपनियों, वित्तीय लेनदेन और बेन्को से जुड़े कारोबार की जांच शुरू हुई। सिग्ना का पतन केवल ऑस्ट्रिया तक सीमित नहीं रहा। समूह के यूरोप के कई हिस्सों में कारोबार और निवेश होने के कारण इसके दिवालियापन का असर विभिन्न निवेशकों, लेनदारों और कारोबारी साझेदारों पर पड़ा।
बेन्को के खिलाफ हुई यह कार्रवाई उसी व्यापक जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियां और अभियोजन पक्ष यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सिग्ना के वित्तीय संकट के दौरान कंपनी और उससे जुड़े लोगों के बीच रकम का किस तरह हस्तांतरण हुआ तथा क्या कुछ भुगतान लेनदारों से संपत्ति या धन को दूर रखने के उद्देश्य से किए गए थे।
मामले में अदालत का ताजा फैसला बेन्को की कानूनी मुश्किलों को और बढ़ाता है। हालांकि, उनके खिलाफ चल रही व्यापक जांच से जुड़े अन्य मामलों का परिणाम अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने अग्रिम किराये के भुगतान को लेकर दोषसिद्धि की, जबकि मकान के अन्य अग्रिम परिचालन खर्चों से जुड़े आरोपों में उन्हें राहत दी।
