नई दिल्ली। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल किया है। एजेंसी ने सोमवार को उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 लाख डॉलर यानी करीब ₹8.8 करोड़ के इनाम की घोषणा की। एफबीआई ने बराड़ को हथियारबंद और खतरनाक बताते हुए लोगों को उससे सावधान रहने की चेतावनी भी दी है।
एफबीआई के मुताबिक, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अमेरिका में रह रहा है और उस पर लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से कथित तौर पर जुड़ा होने का आरोप है। एजेंसी का कहना है कि यह समूह दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा में विभिन्न हिंसक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहा है।
अमेरिकी जांच एजेंसी ने बराड़ को अपनी सबसे वांछित फरार आरोपियों की सूची में शामिल करने के साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए सार्वजनिक सहयोग मांगा है। इनाम की घोषणा का उद्देश्य ऐसी विश्वसनीय जानकारी हासिल करना है, जिससे उसकी गिरफ्तारी संभव हो सके। एफबीआई ने उसकी तलाश को गंभीरता से लेते हुए उसके संभावित खतरे और फरार होने की आशंका को भी रेखांकित किया है।
बराड़ का नाम भारत में भी संगठित अपराध और कई आपराधिक मामलों की जांच के दौरान सामने आता रहा है। वह लंबे समय से विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के आरोपों के कारण जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। अमेरिकी एजेंसी की ताजा कार्रवाई से उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।
एफबीआई ने कहा कि बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से कथित संलिप्तता के मामले में तलाशा जा रहा है। एजेंसी के अनुसार, इस समूह से जुड़े लोगों पर अमेरिका और कनाडा में हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण संबंधित अदालतों में होने वाली कार्रवाई के आधार पर होगा।
एफबीआई की ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में किसी व्यक्ति को शामिल किया जाना अमेरिकी एजेंसी की ओर से उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और सार्वजनिक सूचना जुटाने का महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। बराड़ के मामले में भी एजेंसी ने आम लोगों से उसके बारे में जानकारी साझा करने की अपील की है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बराड़ को सशस्त्र और खतरनाक माना जाना चाहिए। साथ ही उसे ‘एस्केप रिस्क’ यानी फरार होने की आशंका वाला व्यक्ति बताया गया है। इसका मतलब है कि उसकी गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
अमेरिका में उसकी मौजूदगी को लेकर एफबीआई का कहना है कि बराड़ फिलहाल अमेरिका में आधारित है। एजेंसी के अनुसार, वह उत्तरी अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह का कथित नेता है। जांच एजेंसी ने उसके कथित नेटवर्क और उससे जुड़े अपराधों को दक्षिणी कैलिफोर्निया के अलावा अमेरिका और कनाडा के अन्य हिस्सों से भी जोड़ा है।
10 लाख डॉलर का इनाम भारतीय मुद्रा में करीब ₹8.8 करोड़ बैठता है। यह राशि उस व्यक्ति को दी जाएगी जिसकी दी गई जानकारी बराड़ की गिरफ्तारी में सीधे मददगार साबित हो। एफबीआई की ऐसी इनाम घोषणाओं में सूचना की उपयोगिता और गिरफ्तारी से उसके संबंध के आधार पर पुरस्कार दिए जाने की प्रक्रिया निर्धारित होती है।
गोल्डी बराड़ को सूची में शामिल किए जाने के बाद अब अमेरिकी एजेंसी उसकी तलाश के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं का इस्तेमाल करेगी। भारत में भी उसके खिलाफ दर्ज मामलों और कथित आपराधिक नेटवर्क को लेकर विभिन्न जांचें चलती रही हैं। एफबीआई की इस कार्रवाई से उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग की आवश्यकता और बढ़ सकती है।
अमेरिकी एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें बराड़ के ठिकाने या उसकी गतिविधियों से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाया जाए। एजेंसी ने उसकी कथित आपराधिक भूमिका और खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों को खुद उससे संपर्क या सामना करने के बजाय अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी है।
