नई दिल्ली। ऑनलाइन होटल बुकिंग और यात्रा सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म Booking.com की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यूरोपीय संघ ने बुधवार को कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की है। जांच का मुख्य केंद्र प्लेटफॉर्म पर फर्जी लिस्टिंग, फिशिंग घोटालों और उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाए गए कदम हैं। यूरोपीय अधिकारियों को संदेह है कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाली धोखाधड़ी और बिना लाइसेंस के आवास उपलब्ध कराने से जुड़े जोखिमों के प्रभाव को कम करके आंका है। साथ ही, सवाल उठाए गए हैं कि क्या कंपनी ने यात्रियों को साइबर अपराधियों से बचाने के लिए पर्याप्त कदम उठाए।
यह जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब ऑनलाइन यात्रा बुकिंग सेवाओं पर उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने को लेकर नियामकीय दबाव बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ का मानना है कि यात्रियों को होटल या अन्य आवास बुक करते समय ठगी का शिकार होने के डर के बिना सेवाओं का इस्तेमाल करने में सक्षम होना चाहिए। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आवास की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए कंपनी की व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं।
डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत पहली जांच
Booking.com के खिलाफ शुरू की गई यह यूरोपीय संघ के डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत पहली जांच है। यह कानून डिजिटल प्लेटफॉर्मों की जिम्मेदारियां निर्धारित करता है और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से फैलने वाली अवैध गतिविधियों तथा उपभोक्ताओं के लिए पैदा होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए नियामकीय ढांचा उपलब्ध कराता है।
यूरोपीय अधिकारियों को आशंका है कि Booking.com अपने प्लेटफॉर्म पर फर्जी आवास सूचीबद्ध होने और बिना उचित लाइसेंस के संपत्तियों को किराये पर देने से जुड़े जोखिमों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रहा है। यदि किसी फर्जी लिस्टिंग के जरिए यात्रियों से भुगतान हासिल किया जाता है या उन्हें किसी अन्य तरीके से ठगा जाता है, तो इससे आर्थिक नुकसान के साथ उनकी निजी जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कंपनी ने ऐसे जोखिमों की पहचान करने, संदिग्ध लिस्टिंग हटाने और धोखाधड़ी की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए क्या व्यवस्था बनाई है। इसके साथ ही यह भी परखा जाएगा कि क्या कंपनी की मौजूदा नीतियां और सुरक्षा उपाय डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत निर्धारित जिम्मेदारियों को पूरा करते हैं।
यूरोपीय संघ की प्रौद्योगिकी मामलों की प्रमुख हेना विरकुनेन ने कहा कि यूरोप के लोगों को ठगी के डर के बिना अपनी छुट्टियों की बुकिंग करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सर्विसेज एक्ट स्पष्ट जिम्मेदारियां निर्धारित करता है और यूरोप के प्रमुख बुकिंग प्लेटफॉर्म को इन जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
भुगतान वाली लिस्टिंग पर भी सवाल
जांच का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू प्लेटफॉर्म के सर्च परिणामों में दिखाई देने वाली उन लिस्टिंग से जुड़ा है, जिनके प्रदाता बेहतर रैंकिंग पाने के लिए भुगतान करते हैं। यूरोपीय संघ यह जांच रहा है कि क्या Booking.com ने ऐसी लिस्टिंग को विज्ञापन के रूप में स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं किया।
सर्च परिणामों में किसी आवास को अधिक प्रमुखता मिलने से उसकी दृश्यता और बुकिंग की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में उपयोगकर्ताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि कोई लिस्टिंग सामान्य सर्च परिणाम के आधार पर दिखाई जा रही है या भुगतान के कारण उसे ऊपर रखा गया है। यदि भुगतान वाली लिस्टिंग को विज्ञापन के रूप में स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता, तो उपभोक्ताओं के लिए परिणामों की प्रकृति समझना मुश्किल हो सकता है।
यूरोपीय संघ इस पहलू की जांच करके यह निर्धारित करना चाहता है कि कंपनी ने विज्ञापन संबंधी पारदर्शिता के नियमों का पालन किया या नहीं। हालांकि, फिलहाल यह जांच का विषय है और किसी उल्लंघन की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
Booking.com ने सहयोग का भरोसा दिया
कंपनी ने जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। Booking.com के अनुसार, सुरक्षा, भरोसा और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने तथा यात्रियों और अपने साझेदारों की सुरक्षा के लिए संबंधित सरकारों, नियामकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग के अन्य भागीदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत यदि उल्लंघन साबित होता है, तो कंपनी पर उसके वैश्विक सालाना कारोबार के 6 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने की कोई निश्चित कानूनी समयसीमा निर्धारित नहीं है। यूरोपीय आयोग की चिंताओं को दूर करने के लिए कंपनी अपनी ओर से सुधारात्मक उपाय भी प्रस्तावित कर सकती है।
फिलहाल जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि इसका अंतिम निष्कर्ष कब तक सामने आएगा। इसके परिणाम से यह तय करने में मदद मिलेगी कि ऑनलाइन यात्रा बुकिंग प्लेटफॉर्म को फर्जी लिस्टिंग, फिशिंग हमलों, निजी जानकारी के संभावित दुरुपयोग और भुगतान आधारित सर्च रैंकिंग के मामले में किन जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।
