नई दिल्ली। ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने रात के समय मोबाइल चार्जिंग पर लागू प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी जोनल रेलवे को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेनों के सभी कोच में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने होंगे। मुंबई लोकल ट्रेन में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने और डिब्बे में धुआं भरने की घटना के बाद रेलवे ने इस नियम के अनुपालन पर विशेष जोर दिया है। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को जारी पत्र में स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने पाया कि रेलवे कर्मचारियों की ओर से कई जगहों पर निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए जा रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी जोनल रेलवे को कर्मचारियों को निर्देश देने, उन्हें नियमों के प्रति जागरूक करने और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मुंबई लोकल में पावर बैंक फटने से मचा था हड़कंप
यह घटना शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे दादर से बदलापुर जा रही मुंबई लोकल ट्रेन में हुई थी। ट्रेन के एक यात्री का पावर बैंक चार्जिंग के दौरान कथित तौर पर फट गया, जिसके बाद कोच में घना धुआं भर गया। अचानक धुआं फैलने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
घटना के बाद ट्रेनों में मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का नियम पहले से लागू है। ताजा निर्देश का उद्देश्य इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि बिजली से जुड़ी संभावित दुर्घटनाओं और आग के जोखिम को कम किया जा सके।
औचक निरीक्षण से होगी नियमों की निगरानी
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद किए जाने की जांच के लिए औचक निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी कोच में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग की सुविधा बंद रहे।
बोर्ड ने इस सुरक्षा व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी है। संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और नियमों का नियमित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। रेलवे के इस कदम का उद्देश्य केवल किसी एक घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से मौजूद सुरक्षा प्रावधानों को प्रभावी बनाना है।
2014 से लागू है रात में चार्जिंग बंद रखने का नियम
ट्रेनों में रात के समय मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का नियम नया नहीं है। इसे 19 जून 2014 को बेंगलुरु-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद लागू किया गया था। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा आयुक्त की ओर से भी सिफारिश की गई थी।
मार्च 2021 में रेलवे ने एक बार फिर इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया था। पश्चिम रेलवे ने 16 मार्च 2021 से निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद करने की व्यवस्था शुरू की थी। अब मुंबई लोकल में पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को एक बार फिर इस नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
रात में सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे रात में लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने से पहले अपने मोबाइल फोन और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पर्याप्त रूप से चार्ज कर लें। रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रहने के कारण इस अवधि में ट्रेन के भीतर मोबाइल चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
यात्रियों को पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेष रूप से क्षतिग्रस्त, असामान्य रूप से गर्म होने वाले या खराब बैटरी वाले उपकरणों को चार्ज करने से बचना चाहिए। रेलवे की ओर से लागू यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसका प्रभावी अनुपालन रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों, दोनों की सतर्कता पर निर्भर करेगा।
