Author: BharatSpeaks

In a display of remarkable endurance and poise, 11-year-old Vedashree Toraskar has completed a 17-kilometer open-water swim from the Atal Setu bridge in Goa to the Gateway of India in Mumbai, covering the distance in just over three hours. Battling shifting tides, unpredictable currents, and the mental strain of a long-distance sea crossing, Vedashree finished the feat in 3 hours and 5 minutes, a time that would test even seasoned open-water swimmers. A Young Athlete With an Iron Will For a child barely into her teens, the challenge demanded both physical stamina and an unyielding mental focus. Witnesses and fellow…

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Once mocked and driven to the brink, a transgender woman from a tribal village in Maharashtra has found dignity and purpose in the uniform of a forest guard. Early Struggles in a World That Wouldn’t Accept Her Born Vijay in a tribal community in Nandurbar district, Maharashtra, Vijaya Vasave grew up in an environment that offered little compassion to those who didn’t conform. In school and college, she was subjected to relentless ridicule from classmates and teachers for being “different.” The psychological toll was severe. “During my early school and graduation days, I was trapped in a male body, yearning…

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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की न्यूट्रिशनल साइकियाट्रिस्ट डॉ. उमा नाइडू ने पांच ऐसे सामान्य खाद्य पदार्थों की पहचान की है, जो लंबे समय में मस्तिष्क की कार्यक्षमता को कमजोर कर सकते हैं और डिमेंशिया का खतरा बढ़ा सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर न्यूरोलॉजिकल रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 1. अतिरिक्त शर्करा और स्मृति पर असर डॉ. नाइडू का कहना है कि सोडा, मिठाइयों और हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप वाले खाद्य पदार्थ मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस हिस्से को प्रभावित कर सकते हैं, जो स्मृति और सीखने के लिए अहम है। अत्यधिक शर्करा का सेवन…

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दुनिया भर में कैंसर मौतों का एक प्रमुख कारण है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली में कुछ बदलाव अपनाकर इसके बड़े हिस्से को रोका जा सकता है।  रिपोर्ट में चार ऐसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीके बताए गए हैं, जो कैंसर के खतरे को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं। 1. तंबाकू से पूरी तरह दूरी कैंसर की रोकथाम में सबसे बड़ा कदम है किसी भी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल बंद करना — चाहे वह सिगरेट पीना हो, बीड़ी, सिगार या गुटखा-खैनी चबाना। तंबाकू का सेवन मुंह, फेफड़े, गला और कई अन्य प्रकार के कैंसर के…

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हल्दी और ग्रीन टी, जिन्हें लंबे समय से स्वास्थ्यवर्धक माना जाता रहा है, अब सप्लीमेंट के रूप में लिवर को नुकसान पहुंचाने के मामलों से जुड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह इनका अत्यधिक सेवन गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। खानपान से दवा बनने तक का सफर रसोई में मसाले के रूप में हल्दी सुरक्षित है, लेकिन जब इसे उच्च सांद्रता वाले सप्लीमेंट में बदल दिया जाता है—अक्सर बायोअवैलेबिलिटी बढ़ाने वाले यौगिकों के साथ—तो इसके प्रभाव अलग हो सकते हैं। अमेरिका में Drug-Induced Liver Injury Network ने हल्दी सप्लीमेंट से लिवर को नुकसान के दस…

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कार्डियक अरेस्ट से निपटने के लिए नई तकनीकें और सेवाएं जीवन बचा रही हैं, लेकिन इनके साथ एक बड़ा उद्योग भी पनप रहा है। सवाल यह है कि क्या यह मानवीय सेवा है या मुनाफे का साधन? तकनीक और बाजार का संगम हाल के वर्षों में कई कंपनियां पोर्टेबल एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) जैसे उपकरणों को मोहल्लों तक पहुंचा रही हैं। 4-मिनट सिटी जैसे प्रोजेक्ट के तहत इन उपकरणों को महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।इसके साथ ही पल्सपॉइंट जैसे मोबाइल ऐप CPR-प्रशिक्षित लोगों को पास के मरीज तक पहुंचने और…

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