बरेली: उमरा यात्रा के लिए हवाई टिकट बुक कराने के नाम पर बरेली के एक ट्रैवल एजेंट से करीब ₹75 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गुजरात के अहमदाबाद निवासी एक कथित टिकट एजेंट ने पहले कुछ यात्रियों के टिकट उपलब्ध कराकर ट्रैवल एजेंट का विश्वास हासिल किया और इसके बाद बड़ी संख्या में टिकट बुक कराने के नाम पर रकम ले ली। भुगतान के बाद यात्रियों को टिकट नहीं मिले और दो अगस्त को दिल्ली से जेद्दा जाने वाली उड़ान के लिए जारी किए गए 34 टिकट भी बाद में निरस्त हो गए। मामले में एसएसपी के आदेश पर बारादरी थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जोगी नवादा निवासी फखरू रजा उमरा यात्रा के लिए टूर बुक कराने का काम करते हैं। उनकी मुलाकात सुहेल राजा के माध्यम से अहमदाबाद निवासी दर्शन दोषी से हुई थी। दर्शन ने खुद को हवाई टिकट उपलब्ध कराने वाला एजेंट बताते हुए ‘न्यू माई डायरेक्शन कंपनी’ के माध्यम से टिकट बुक कराने का भरोसा दिया। शुरुआत में उसने कुछ टिकट बुक कराकर उपलब्ध भी कराए। इससे फखरू रजा को उस पर विश्वास हो गया और बाद में उन्होंने अलग-अलग यात्रियों के टिकट के लिए उसे बड़ी रकम भेजनी शुरू कर दी।
रकम लेने के बाद टिकट नहीं दिए
शिकायत के मुताबिक, दर्शन दोषी ने अलग-अलग समय पर टिकट बुक कराने के नाम पर कई बार रुपये लिए। भरोसा बनने के बाद फखरू रजा ने उसे कई लाख रुपये और ट्रांसफर किए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी संबंधित यात्रियों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं कराए गए। धीरे-धीरे भुगतान की गई रकम करीब ₹75 लाख तक पहुंच गई।
सबसे बड़ा संकट उस समय खड़ा हुआ जब दो अगस्त को दिल्ली से जेद्दा जाने वाली उड़ान के लिए 34 यात्रियों को टिकट दिए गए थे। बाद में इन टिकटों को निरस्त कर दिया गया। यात्रा रद्द होने से उमरा के लिए जाने वाले यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। टिकट और यात्रा की तैयारी के लिए रकम खर्च कर चुके यात्री अब फखरू रजा से अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। इससे ट्रैवल एजेंट पर भी आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है।
फखरू रजा ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की। शिकायत में उन्होंने दर्शन दोषी पर टिकट बुक कराने के नाम पर रकम लेने और बाद में टिकट उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपी की भूमिका, कंपनी से उसके संबंध, रकम के लेनदेन और जिन यात्रियों के टिकट बुक किए गए थे, उनकी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में बैंक खातों के माध्यम से हुए लेनदेन, टिकट बुकिंग से संबंधित रिकॉर्ड और यात्रियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने अन्य ट्रैवल एजेंटों या यात्रियों से इसी तरीके से रकम तो नहीं ली।
खाते में ₹86 हजार आने का झांसा, ₹60 हजार गंवाए
इसी बीच बरेली में साइबर ठगी का एक अलग मामला भी सामने आया है। प्रेमनगर क्षेत्र की अशरफ खां छावनी निवासी आशीष से साइबर ठगों ने ₹60 हजार की रकम ठग ली। छह अगस्त को उनके पिता सत्यप्रकाश गुप्ता के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि गलती से उनके खाते में ₹86 हजार ट्रांसफर हो गए हैं और रकम अस्पताल में जमा करनी है।
कॉलर की बात पर भरोसा करते हुए आशीष ने बिना अपने बैंक खाते का बैलेंस जांचे ₹60 हजार बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब खाते की जांच की गई तो उसमें ₹86 हजार जमा होने की कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्हें समझ आया कि कॉल करने वाले ने झूठी रकम ट्रांसफर होने का बहाना बनाकर उनसे पैसे भेजवा लिए।
आशीष ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कर लेनदेन और कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में पुलिस का फोकस रकम के लेनदेन और आरोपियों की पहचान से जुड़ी डिजिटल कड़ियों को खंगालने पर है।
