राउरकेला, ओडिशा। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) की राउरकेला क्षेत्रीय इकाई ने लगभग ₹50 करोड़ के कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रैकेट का खुलासा करते हुए इस मामले के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी GST फर्मों का नेटवर्क बनाकर बिना वास्तविक माल या सेवाओं की आपूर्ति के टैक्स चालान जारी किए गए और उनके माध्यम से फर्जी ITC का लाभ लिया गया तथा आगे हस्तांतरित किया गया।
DGGI के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान संभलपुर जिले के रेमेड निवासी 26 वर्षीय पिंकू परिडा के रूप में हुई है। एजेंसी का दावा है कि वह कई संस्थाओं के जरिए फर्जी ITC तैयार करने, उसका लाभ लेने और अन्य इकाइयों तक पहुंचाने वाले कथित सिंडिकेट का प्रमुख संचालक था।
जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से लगभग ₹50 करोड़ के कथित फर्जी ITC नेटवर्क का पता चला।
DGGI के मुताबिक आरोपी पिछले करीब छह महीने से छत्तीसगढ़ के रायपुर में रह रहा था और एजेंसी की निगरानी में था। सूचना मिलने पर कि वह अपने गृह क्षेत्र रेमेड लौटा है, DGGI की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
एजेंसी ने आरोपी को राउरकेला लाकर विधिक प्रक्रिया पूरी की और सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों ने उसे पूरे कथित रैकेट का मास्टरमाइंड बताया है।
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DGGI का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, लाभार्थी कंपनियों तथा धन के प्रवाह (फाइनेंशियल ट्रेल) की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी इनवॉइस और ITC का लाभ किन-किन संस्थाओं तक पहुंचाया गया तथा इस कथित नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संबंधित व्यावसायिक इकाइयों की विस्तार से जांच की जा रही है।
मामले की जांच जारी है और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
