Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

Alleged Plot to Hijack and Crash Dubai–Tel Aviv Flight: Two Maldivian Flydubai Pilots Arrested

October 14, 2026

Complaint of Gold Missing from Kashi Vishwanath Temple Spire Reaches PMO, Probe Launched

October 14, 2026

Expensive Life-Saving Cancer Drugs Worth Up to ₹10.8 Lakh Stolen from Delhi Cancer Institute

October 14, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Fraud Alert»एसएसपी आवास की सरकारी भूमि पर कब्जे की कथित साजिश, दो भाई गिरफ्तार; फर्जी दस्तावेजों से स्वामित्व का दावा करने का आरोप
Fraud Alert

एसएसपी आवास की सरकारी भूमि पर कब्जे की कथित साजिश, दो भाई गिरफ्तार; फर्जी दस्तावेजों से स्वामित्व का दावा करने का आरोप

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 7, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
पुलिस का दावा- सरकारी भूमि पर मालिकाना हक जताने के लिए तैयार किए गए कूटरचित दस्तावेज, अधिकारियों और अदालत को गुमराह कर वर्षों तक किराया वसूलने का आरोप; अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के सरकारी आवास की भूमि पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से स्वामित्व का दावा पेश करने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, अधिकारियों और न्यायालय को गुमराह किया तथा वर्षों तक स्वयं को संपत्ति का मालिक बताकर किराया भी वसूला। मामले में अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस विभिन्न दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के बल्लभ मोहल्ला, मंडी चौक निवासी सुधीर कुमार धवन और उसके भाई सुनील कुमार धवन को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार किया। दोनों को गुरुवार को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस मामले में सुमित धवन, अंकित धवन, सुधा टंडन, विपिन कुमार धवन तथा दिल्ली के शालीमार बाग निवासी बीना तलवार को भी नामजद किया गया है। पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में 11 जुलाई को सिविल लाइंस थाने में उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह की तहरीर पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र तथा अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रशासनिक जांच के दौरान सरकारी भूमि पर स्वामित्व संबंधी दावों और प्रस्तुत दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से एसएसपी आवास की भूमि पर अपना अधिकार स्थापित करने का प्रयास किया और सरकारी अभिलेखों के विपरीत स्वयं को वैध स्वामी के रूप में प्रस्तुत किया। पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने लगभग 19 वर्षों के दौरान स्वयं को संपत्ति का मालिक बताकर ₹28.45 लाख से अधिक का किराया वसूला। जांच के दौरान संबंधित किरायेदारी रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि कथित आर्थिक लाभ की वास्तविक सीमा का पता लगाया जा सके।

पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ चड्ढा कोठी नामक एक अन्य संपत्ति से जुड़े मामले में भी जांच चल रही है। आरोप है कि उस संपत्ति पर दावा करने के लिए भी फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या दोनों मामलों में समान तरीके से दस्तावेज तैयार किए गए और क्या इसके पीछे किसी संगठित भूमि फर्जीवाड़ा नेटवर्क की भूमिका रही है।

कमिश्नर द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, विवादित भूमि मूल रूप से गांव छावनी की गाटा संख्या 455-ए के रूप में अंग्रेजी शासनकाल से सरकारी अभिलेखों में आईपीएस अधिकारियों के आवास हेतु दर्ज थी। बाद में बंदोबस्त प्रक्रिया के दौरान इसे गाटा संख्या 1348-एफ के रूप में दर्ज किया गया। इसी भूमि पर वर्षों से एसएसपी का सरकारी आवास स्थित है और राजस्व अभिलेखों में इसे सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया है।

जांच में यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि जिस महिला से आरोपियों ने कथित रूप से भूमि की रजिस्ट्री कराने का दावा किया, उसके पास इस संपत्ति का वैध स्वामित्व किस आधार पर था। प्रशासन का आरोप है कि स्वामित्व की वैध श्रृंखला उपलब्ध न होने के बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी भूमि पर अधिकार जताने का प्रयास किया गया। इन दस्तावेजों की अब विधिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध पहले भी अन्य संपत्ति विवादों से जुड़े मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चड्ढा ग्रुप के इंद्रजीत सिंह चड्ढा ने भी इनके खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था, जबकि वर्ष 2024 में आवास विकास कॉलोनी निवासी कारोबारी उमेश चंद्र ने भी इनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इन सभी मामलों में कार्यप्रणाली समान रही है।

पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। राजस्व अभिलेखों, पंजीकरण दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन, न्यायालयी रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleई-कॉमर्स कंपनी में ₹1.31 करोड़ के रिटर्न शिपमेंट गबन का खुलासा, टीम लीडर और डिलीवरी बॉय गिरफ्तार; मुख्य आरोपी फरार
Next Article बच्चों की सुरक्षा में नाकामी पर Meta पर ₹8,958 करोड़ का जुर्माना, अमेरिकी अदालत ने लगाए कड़े प्रतिबंध
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

Alleged Plot to Hijack and Crash Dubai–Tel Aviv Flight: Two Maldivian Flydubai Pilots Arrested

October 14, 2026

Expensive Life-Saving Cancer Drugs Worth Up to ₹10.8 Lakh Stolen from Delhi Cancer Institute

October 14, 2026

Centre to Provide States with App to Detect GST Evasion Through Data Analysis

October 14, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.