नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अपनी छवि और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के कथित उल्लंघन के मामले में फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज रोकने की मांग पर तत्काल राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की निर्धारित सिनेमाघरों में रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि गांगुली की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी। फिल्म 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।
गांगुली ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि फिल्म में उनकी पहचान और क्रिकेट करियर से जुड़े प्रसंगों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह का इस्तेमाल उनके व्यक्तित्व अधिकारों और व्यावसायिक हितों को प्रभावित कर सकता है। अदालत के फिलहाल रिलीज पर रोक नहीं लगाने के फैसले से फिल्म की निर्धारित रिलीज का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन विवाद पर अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।
2002 के ऐतिहासिक जश्न से जुड़ा विवाद
गांगुली की याचिका में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी, 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में मिली ऐतिहासिक जीत और लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारकर जश्न मनाने की उनकी चर्चित घटना का संदर्भ दिया गया है।
13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में भारत ने इंग्लैंड के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए यादगार जीत दर्ज की थी। इस जीत के बाद गांगुली का लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराकर जश्न मनाना भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल हो गया। यह घटना भारतीय टीम के आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे रवैये के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
गांगुली की कानूनी आपत्ति इसी पहचान और उससे जुड़े प्रसंगों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर है। वह अपनी छवि और व्यक्तित्व से संबंधित अधिकारों की कानूनी सुरक्षा चाहते हैं। हालांकि, अदालत ने अभी इन आरोपों की वैधता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
क्या है फिल्म ‘दूसरा’ की कहानी?
फिल्म ‘दूसरा’ की कहानी 2002 की नेटवेस्ट सीरीज की ऐतिहासिक जीत और गांगुली के चर्चित जश्न से प्रेरित बताई गई है। फिल्म में क्रिकेट के उस क्षण को व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सामाजिक बंधनों को चुनौती देने और अपनी पहचान के लिए खड़े होने के रूपक के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म की कहानी तारा नाम की एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक रूढ़िवादी परिवार में बड़ी हो रही है। उस पर परिवार और समाज की ओर से कई तरह की पाबंदियां लगाई जाती हैं। टेलीविजन पर गांगुली का बेबाक जश्न देखने के बाद उसे अपनी जिंदगी में भी तयशुदा नियमों और सामाजिक अपेक्षाओं को चुनौती देने की प्रेरणा मिलती है।
कहानी में क्रिकेट के उस ऐतिहासिक क्षण को साहस, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति से जोड़ने का प्रयास किया गया है। फिल्म यह दिखाती है कि परंपराओं से अलग रास्ता चुनने का फैसला किसी व्यक्ति के जीवन को किस तरह प्रभावित कर सकता है।
23 अक्टूबर को रिलीज की तैयारी
‘दूसरा’ में प्लाबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल, समिधा गुरु, त्विशा सीमा और कृष्णा गोकानी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण माशा सजदेह और रोहन सजदेह ने किया है, जबकि नीता शाह सह-निर्माता हैं। कहानी और पटकथा एग्नेलो ओसविन डायस ने लिखी है तथा मूल संगीत राम संपत ने तैयार किया है।
फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज 23 अक्टूबर के लिए निर्धारित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल इसके प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन गांगुली की याचिका पर होने वाली सुनवाई से मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
इस मामले में अदालत के सामने प्रमुख सवाल यह है कि किसी प्रसिद्ध खिलाड़ी की पहचान, सार्वजनिक छवि और करियर से जुड़े प्रसंगों से प्रेरित फिल्म बनाने में व्यक्तित्व तथा व्यावसायिक अधिकारों की सीमाएं किस तरह लागू होती हैं। फिलहाल, गांगुली के आरोपों पर अंतिम न्यायिक फैसला आना बाकी है और फिल्म की रिलीज को लेकर कानूनी विवाद जारी है।
