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Home»Fraud Alert»तिरुपति लड्डू विवाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मिलावटी घी बनाने के आरोप में कंपनी मालिक गिरफ्तार
Fraud Alert

तिरुपति लड्डू विवाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मिलावटी घी बनाने के आरोप में कंपनी मालिक गिरफ्तार

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 19, 2026No Comments4 Mins Read
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जांच एजेंसी का दावा- पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलीन और कई रसायनों से तैयार किया गया घी; 2019 से 2024 के बीच टीटीडी को करीब ₹230 करोड़ की कथित आपूर्ति की जांच
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नई दिल्ली। तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी की कथित मिलावट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सुकृति फूड्स के प्रमोटर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को कथित तौर पर मिलावटी घी की आपूर्ति और उससे जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई है। आरोपी को 17 सितंबर को हैदराबाद स्थित ईडी कार्यालय में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे विशाखापत्तनम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया कि तिरुपति लड्डू प्रसाद बनाने में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मिलावटी घी सामान्य दूध से तैयार शुद्ध गाय के घी के बजाय रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलीन जैसी सामग्री से बनाया गया था। एजेंसी ने दावा किया कि इस मिश्रण को घी जैसा रूप देने के लिए कई रसायनों का भी इस्तेमाल किया गया। इनमें एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, माइवेसिट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर शामिल होने की बात कही गई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि तैयार किए गए इस कथित मिलावटी उत्पाद को एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय के घी के रूप में टीटीडी को आपूर्ति किया गया। ईडी के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच टीटीडी को घी की कथित धोखाधड़ीपूर्ण आपूर्ति का कुल मूल्य करीब ₹230 करोड़ था। इसमें से लगभग ₹96 करोड़ मूल्य का कथित मिलावटी घी आरोपी की फैक्ट्री में तैयार किए जाने का दावा किया गया है।
ईडी ने गिरफ्तार किए गए आरोपी को मामले में कथित साजिश में शामिल लोगों में से एक बताया है। एजेंसी के मुताबिक, उसने कथित तौर पर मिलावट के लिए जरूरी सामग्री की खरीद की और अपने कारखाने में मिलावटी घी तैयार कराया। इसके बाद इसकी आपूर्ति कई ऐसी कंपनियों या संस्थाओं के माध्यम से की गई, जिन्हें जांच में कथित तौर पर आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से जुड़े फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए गए। कथित तौर पर इन रिकॉर्ड का इस्तेमाल वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया और मिलावटी सामग्री के इस्तेमाल को छिपाने के लिए किया गया, ताकि उत्पाद की आपूर्ति सामान्य और असली गाय के घी के रूप में दिखाई जा सके।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

ईडी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशियलिटीज, मल्गंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और एआर डेयरी फूड्स जैसी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से मिलावटी घी की आपूर्ति में समन्वय किया। एजेंसी का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया टीटीडी को मिलावटी घी पहुंचाने की व्यापक कथित साजिश का हिस्सा थी।
मामले में इससे पहले भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क के प्रमोटर और निदेशक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ भी टीटीडी को कथित तौर पर मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता और उसकी संरचना को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। इसके बाद घी की खरीद, आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े पहलुओं की जांच तेज हुई। अब धनशोधन के पहलू से चल रही ईडी की जांच में कथित मिलावटी घी के निर्माण, आपूर्ति और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
ईडी ने जिन आरोपों का उल्लेख किया है, वे जांच के स्तर पर हैं और मामले में अदालत के समक्ष आरोपों की न्यायिक जांच अभी जारी है। एजेंसी की आगे की कार्रवाई कथित आपूर्ति नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, कंपनियों की भूमिका और घी की खरीद-निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं पर केंद्रित रहने की संभावना है।
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