देहरादून। देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित राजपुर ग्रीन्स ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में अग्निशमन सुरक्षा मानकों से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। सोसाइटी के सचिव योगेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने मै. अर्थकॉन प्रा. लि. के निदेशक शादाब खान, प्रबंधक अरुण शाक्य और कर्मचारी विवेक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि पुराने अग्निशमन सिलेंडरों पर वर्ष 2026 अंकित कर उन्हें नया दर्शाने का प्रयास किया गया, जिससे सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, राजपुर ग्रीन्स ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी का निर्माण नोएडा स्थित बिल्डर कंपनी मै. अर्थकॉन प्रा. लि. ने कराया था और वर्तमान में भी परियोजना का संचालन एवं प्रबंधन कंपनी के जिम्मे है। शिकायत में कहा गया है कि सोसाइटी में वर्ष 2019 से 2022 के बीच लगाए गए अग्निशमन सिलेंडरों पर एक जुलाई 2026 को दोपहर करीब दो बजे से ढाई बजे के बीच कथित रूप से वर्ष 2026 अंकित किया गया, ताकि उन्हें हाल ही में सर्विस किए गए या नए उपकरणों के रूप में प्रदर्शित किया जा सके।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्य कंपनी के कर्मचारी विवेक ने निदेशक शादाब खान और प्रबंधक अरुण शाक्य के निर्देश पर किया। शिकायत में दावा किया गया है कि पूरी घटना सोसाइटी की अध्यक्षा रुपाली ज्योति के निजी सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई। बाद में यह वीडियो अन्य निवासियों के साथ भी साझा किया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कई तस्वीरें भी उपलब्ध कराई हैं, जिनमें पुराने अंक धुंधले दिखाई देने तथा उनके ऊपर नए सिरे से वर्ष 2026 लिखे जाने का दावा किया गया है।
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तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के अगले दिन दो जुलाई को ए-ब्लॉक से कुछ अग्निशमन सिलेंडरों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसा कथित अनियमितताओं से जुड़े संभावित साक्ष्यों को हटाने के उद्देश्य से किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, उपलब्ध कराई गई तस्वीरों, संबंधित अग्निशमन उपकरणों के रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि सिलेंडरों का रखरखाव और सर्विसिंग नियमानुसार हुई थी या नहीं तथा कहीं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं किया गया।
मामले ने सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। निवासियों का कहना है कि किसी भी बहुमंजिला आवासीय परिसर में अग्निशमन उपकरण आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन होते हैं। यदि ऐसे उपकरण समय पर जांचे और बदले नहीं जाएं या उनके रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर किया जाए तो आग लगने जैसी स्थिति में गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
राजपुर थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच देहरादून में हाल के महीनों में अग्निशमन सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियान में भी कई खामियां सामने आई हैं। अग्निशमन विभाग ने मई महीने में विशेष अभियान के तहत जिले में 312 फायर सेफ्टी ऑडिट किए थे। इनमें 135 प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अधिकांश मामलों में फायर एक्सटिंग्विशर और अन्य अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव, समय पर सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है ताकि सार्वजनिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
