अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के कथित गबन मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर यह खुलासा किया है कि चोरी की गई रकम का एक हिस्सा रिश्तेदारों और परिचितों पर खर्च किया गया। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान करीब ₹19 लाख के खर्च का विवरण दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के दौरान की जानी बाकी है।
जांच में सामने आए कथित ब्योरे के अनुसार, आरोपी ने अपने एक भाई की शादी पर लगभग ₹6 लाख खर्च किए। इसके अलावा दूसरे भाई को ₹5 से ₹6 लाख दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि कथित गबन की रकम से लगभग ₹3.5 लाख की एक मारुति ब्रेजा कार भी खरीदी गई। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इसी धन से अन्य संपत्तियां भी खरीदी गईं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर यह भी बताया कि उसने अपने एक मित्र को करीब ₹2.5 लाख ट्रांसफर किए थे। इसके साथ ही उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया गया। जांच अधिकारियों को आशंका है कि कथित गबन की रकम का कुछ हिस्सा अन्य लोगों के बीच भी बांटा गया हो सकता है। इसी आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान लगभग 13 घंटे चली पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके बाद जांच टीम आरोपी को अयोध्या के कौशलपुरी स्थित एक योग केंद्र और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग सहित कई स्थानों पर लेकर गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उन स्थानों की पहचान की, जहां आरोपियों के बीच दान की रकम का बंटवारा किया जाता था। इन स्थानों से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
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मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक ₹20.39 लाख नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने और चांदी के आभूषण, अन्य कीमती सामान तथा एक वाहन जब्त किया है। जांच अधिकारियों का दावा है कि बरामद मारुति ब्रेजा कथित तौर पर गबन की रकम से खरीदी गई थी, हालांकि उसका पंजीकरण आरोपी के भाई अभिषेक के नाम पर कराया गया था। इस पहलू की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब कथित गबन की पूरी धनराशि का वित्तीय ट्रेल तैयार करने में जुटी हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दान की रकम का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया और क्या इससे अन्य चल या अचल संपत्तियां भी अर्जित की गईं। वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच जारी है।
यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए नकद और कीमती सामान के कथित गबन से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जुलाई को एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया था, जिसके बाद जांच को और व्यापक बनाया गया है। तीन जुलाई को एसआईटी ने राम मंदिर परिसर का भी दौरा कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की थी।
अब तक मंदिर में दान संग्रह और गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कथित गबन की पूरी साजिश, धन के प्रवाह और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
