अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक पैरामेडिकल छात्र द्वारा कथित तौर पर बम का डायग्राम और उससे संबंधित नोट्स तैयार किए जाने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में मिले इस दस्तावेज के आधार पर पुलिस ने छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। हालांकि शुरुआती जांच में छात्र के पास से इस कागज के अलावा कोई अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है और अब तक किसी आतंकी संगठन या आपराधिक गतिविधि से उसके संबंध के प्रमाण भी सामने नहीं आए हैं।
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिया गया छात्र बलरामपुर जिले का निवासी मोहम्मद सरफराज है, जो मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन से संबंधित पैरामेडिकल पाठ्यक्रम का छात्र है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि कुछ दिन पहले उसने अपने साथियों के साथ शहीद भगत सिंह पर आधारित एक फिल्म देखी थी। उसका दावा है कि फिल्म के एक दृश्य में बम बनाने की चर्चा दिखाई गई थी, जिसके आधार पर उसने केवल जानकारी के उद्देश्य से कागज पर एक स्केच और कुछ नोट्स तैयार किए थे। पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है।
जांच अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला तब सामने आया जब छात्र की रात की ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह कथित रूप से वह कागज ड्यूटी स्थल पर ही छोड़कर चला गया। अगले दिन अन्य छात्रों की नजर उस दस्तावेज पर पड़ी, जिसमें एक गोलाकार चित्र के साथ कथित बम का डायग्राम और उससे संबंधित कुछ बिंदु लिखे हुए थे। दस्तावेज की सामग्री देखकर छात्रों को संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी दी। प्रशासन ने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची और दस्तावेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने छात्र को उसके किराए के कमरे से हिरासत में लिया, जहां वह ड्यूटी पूरी करने के बाद आराम कर रहा था। इसके बाद उससे विस्तृत पूछताछ शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। साथ ही उसके व्यक्तिगत संपर्कों और हाल के दिनों में हुई गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस घटना के पीछे केवल जिज्ञासा थी या कोई अन्य उद्देश्य।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि मेडिकल कॉलेज के दो अन्य छात्रों से उसकी निकटता थी। इस आधार पर दोनों छात्रों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। अधिकारियों ने उनसे छात्र के व्यवहार, उसकी गतिविधियों और हाल के दिनों में हुई बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्यूटी के दौरान छात्र किन लोगों के संपर्क में आया और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
सुरक्षा एजेंसियों ने कॉलेज परिसर के साथ-साथ छात्र की पृष्ठभूमि की भी जांच शुरू कर दी है। बलरामपुर में उसके घर और आसपास के क्षेत्र में भी स्थानीय पुलिस ने आवश्यक पूछताछ की है। पुलिस के अनुसार छात्र के परिवार की सामान्य सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि है। उसके पिता मदरसा शिक्षक थे, जिनका कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां रहती हैं, जबकि उसके बड़े भाई अलग-अलग स्थानों पर रोजगार और व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। फिलहाल परिवार की ओर से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर परीक्षण किया जाएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि छात्र द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज केवल व्यक्तिगत नोट्स था या इसके पीछे कोई अन्य मंशा थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक की जांच में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे किसी गंभीर आपराधिक या आतंकी साजिश की पुष्टि होती हो। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
