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Home»Fraud Alert»TRAI का बड़ा कदम, यूटिलिटी और कूरियर कंपनियों की कॉल के लिए होगी ‘1601’ नंबर सीरीज
Fraud Alert

TRAI का बड़ा कदम, यूटिलिटी और कूरियर कंपनियों की कॉल के लिए होगी ‘1601’ नंबर सीरीज

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 11, 2026No Comments3 Mins Read
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बिजली, पानी, गैस, LPG, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को मिलेगी अलग पहचान; टेलीकॉम कंपनियों को 90 दिन में माइग्रेशन पूरा करने का निर्देश
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नई दिल्ली: फर्जी कॉल के जरिए यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर होने वाली साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नई नंबरिंग व्यवस्था शुरू की है। सेवा और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल के लिए ‘1601’ नंबर सीरीज लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को वास्तविक कंपनियों की कॉल और सामान्य मोबाइल नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल के बीच अंतर करने में मदद करना है।

नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में बिजली वितरण कंपनियां, जल आपूर्ति से जुड़ी संस्थाएं, सिटी गैस वितरक, LPG वितरण कंपनियां और अन्य उपयोगिता सेवा प्रदाता शामिल होंगे। इसके साथ कूरियर कंपनियां, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स फर्म, पार्सल डिलीवरी सेवा, माल ढुलाई और अन्य लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता भी इसके दायरे में होंगे।

90 दिन में पूरा करना होगा माइग्रेशन

संचार मंत्रालय के अनुसार, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को पहले चरण में शामिल पात्र संस्थाओं की पहचान, सत्यापन और नई नंबरिंग व्यवस्था में माइग्रेशन की प्रक्रिया आदेश जारी होने के 90 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।

‘1601’ सीरीज के नंबर सीधे पात्र संस्थाओं को आवंटित किए जाएंगे। टेलीकॉम कंपनियों को नंबर जारी करने से पहले संबंधित संस्था की पात्रता और विवरण का सत्यापन करना होगा।

TRAI के मुताबिक, अलग नंबरिंग पहचान से उपभोक्ताओं को अधिक आसानी से पता चल सकेगा कि कॉल किसी अधिकृत सेवा प्रदाता की ओर से की गई है। अभी साइबर ठग सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर बिजली विभाग, गैस एजेंसी, कूरियर कंपनी और अन्य सेवा प्रदाताओं के कर्मचारी बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं।

नियामक का मानना है कि ‘1601’ सीरीज ऐसी पहचान धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगी और सेवा तथा ट्रांजैक्शन से जुड़ी फोन कॉल पर उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाएगी।

बिचौलियों के जरिए नहीं मिलेगा नंबर

नई नंबर सीरीज का आवंटन बिचौलियों या एग्रीगेटर के जरिए नहीं किया जाएगा। टेलीकॉम ऑपरेटर पात्रता की जांच के बाद ही संबंधित संस्था को नंबर जारी करेंगे।

‘1601’ नंबर हासिल करने वाली कंपनियों को यह लिखित आश्वासन भी देना होगा कि इनका इस्तेमाल केवल सेवा और ट्रांजैक्शन से जुड़ी फोन कॉल के लिए किया जाएगा। इन नंबरों का इस्तेमाल प्रचार या विपणन संबंधी कॉल के लिए नहीं किया जा सकेगा।

बैंकिंग और सरकारी संस्थाओं के लिए पहले से है ‘1600’ सीरीज

TRAI ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र तथा सरकारी संस्थाओं की सेवा और ट्रांजैक्शन संबंधी कॉल के लिए पहले ही ‘1600’ नंबर सीरीज लागू की है। अन्य क्षेत्रों के लिए अब ‘1601’ सीरीज लाई गई है।

नियामक के अनुसार, दोनों सीरीज को अलग रखने का उद्देश्य वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण कॉल को उपयोगिता, कूरियर और अन्य कारोबारी सेवा कॉल से अलग पहचान देना है। इससे उपभोक्ताओं को कॉल के स्रोत को समझने में आसानी होगी।

आगे बढ़ाया जाएगा दायरा

पहले चरण में ‘1601’ सीरीज का इस्तेमाल उपयोगिता, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए किया जाएगा। बाद में सेवा और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल करने वाली अन्य पात्र संस्थाओं को भी इसके दायरे में शामिल किया जा सकता है।

सामान्य मोबाइल नंबरों से कंपनी प्रतिनिधि बनकर होने वाली साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को कॉल की पहचान का एक अतिरिक्त माध्यम देगी। हालांकि, किसी कॉल पर अधिकृत नंबर दिखाई देने के बावजूद उपभोक्ताओं को OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या अन्य संवेदनशील जानकारी फोन पर साझा नहीं करनी चाहिए।

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