ब्रासीलिया/बर्लिन: एक सेवा प्रदाता के सॉफ्टवेयर अपडेट में आई तकनीकी खामी का फायदा उठाकर जर्मन बैंक खातों से करीब €30 मिलियन यानी लगभग ₹300 करोड़ की कथित धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ ब्राजील और जर्मनी की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्राजील में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि यूरोप में तीन अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अपराधियों ने वित्तीय संस्थान के पेमेंट और ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सिस्टम में मौजूद कमजोरी का फायदा उठाकर ग्राहकों के ऑनलाइन बैंकिंग खातों से अनधिकृत रकम निकाली।
यह साइबर हमला नवंबर 2023 में लगातार चार दिनों तक चला था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जर्मनी के विभिन्न ऑनलाइन बैंकिंग खातों से बड़ी संख्या में अनधिकृत निकासी शुरू की और रकम को ब्राजील तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत नेटवर्क का इस्तेमाल किया। बाद में धन की वास्तविक उत्पत्ति छिपाने के लिए कई स्तरों पर लेनदेन किए गए।
सॉफ्टवेयर अपडेट बना हमले का रास्ता
जर्मन और ब्राजील की संघीय पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने एक सेवा प्रदाता द्वारा जारी किए गए खराब सॉफ्टवेयर अपडेट से पैदा हुई तकनीकी खामी का फायदा उठाया। इस कमजोरी के कारण हमलावर बैंक ग्राहकों के खातों से अनधिकृत डायरेक्ट डेबिट कराने में सफल हुए।
जर्मन अधिकारियों ने प्रभावित वित्तीय संस्थान का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया। हालांकि, ब्राजील की मीडिया रिपोर्टों में इसे जर्मनी के प्रमुख वित्तीय संस्थानों में शामिल Commerzbank बताया गया है। बैंक ने पुष्टि की कि 2023 में उसके ग्राहकों के खाते धोखाधड़ी की गतिविधियों से प्रभावित हुए थे। हालांकि बैंक के अनुसार, इस घटना से ग्राहकों को वास्तविक वित्तीय नुकसान नहीं हुआ और बैंक ने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया।
चार दिन में खातों से निकाली गई रकम
जांचकर्ताओं के अनुसार, नवंबर 2023 में हमलावरों ने कई जर्मन ऑनलाइन बैंकिंग खातों से अनधिकृत रकम निकाली। इसके बाद रकम को ब्राजील भेजा गया, जहां नेटवर्क के अलग-अलग सदस्यों ने इसे निकालकर या आगे ट्रांसफर कर छिपाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि चोरी की गई रकम का सबसे बड़ा हिस्सा ब्राजील में निकाला गया, जबकि एक छोटा हिस्सा यूरोप के चार देशों में कैश कराया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि धन को छिपाने के लिए पास-थ्रू बैंक खातों, कंपनियों, भुगतान संस्थानों, वर्चुअल एसेट प्लेटफॉर्म और ऐसे पेमेंट कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें कथित तौर पर वास्तविक लाभार्थियों की अनुमति के बिना जारी कराया गया था।
सात आरोपी जांच के घेरे में
ब्राजील की संघीय पुलिस ने जर्मनी की Federal Criminal Police Office यानी BKA के सहयोग से ‘Operation Klonen’ शुरू की। कार्रवाई के तहत ब्राजील के सात शहरों में 21 तलाशी और जब्ती वारंट जारी किए गए।
अभियान के दौरान रियो डी जेनेरियो, ग्वारुल्होस, गोइआनिया और कैरापिकुइबा में चार संदिग्धों को एहतियाती हिरासत में लिया गया। वहीं यूरोप में तीन अन्य संदिग्धों की पहचान हुई है। इनमें शामिल आरोपियों के खिलाफ स्पेन और बुल्गारिया में संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियां अभियोजन की कार्रवाई करेंगी।
गिरफ्तार आरोपियों पर इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी के जरिए गंभीर चोरी, आपराधिक संगठन में शामिल होने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि साइबर हमले की तकनीकी योजना किसने तैयार की और धन के पूरे नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था।
राजनीतिक अभियान में भी इस्तेमाल का आरोप
ब्राजील की जांच में एक आरोपी के बारे में यह जानकारी भी सामने आई कि उसने 2024 में चुनाव लड़ा था। अधिकारियों का आरोप है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल की गई रकम का कुछ हिस्सा उसके राजनीतिक अभियान में इस्तेमाल किया गया।
ब्राजील की संघीय अदालत ने संदिग्धों से जुड़ी वित्तीय संपत्तियों, वाहनों और अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश भी दिया है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब R$106 मिलियन यानी लगभग ₹190 करोड़ बताया गया है।
मामले की जांच अब भी जारी है। एजेंसियां कथित साइबर हमले की तकनीकी खामी, चोरी की रकम के अंतरराष्ट्रीय प्रवाह और उसे वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि किसी वित्तीय सेवा प्रदाता के सॉफ्टवेयर में छोटी तकनीकी कमजोरी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बैंकिंग धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।
