कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में शेयर बाजार में निवेश के जरिए ऊंचा रिटर्न दिलाने का कथित झांसा देकर कई लोगों से रकम जुटाने के मामले में राज्य आबकारी विभाग के एक अधिकारी और उनके रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोलकाता के सोदपुर से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभदीप घोष और उनके रिश्तेदार अग्नि मैत्रा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ अंग्रेजीबाजार थाने में 7 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, सुभदीप घोष राज्य आबकारी विभाग में अधिकारी हैं और फिलहाल कोलकाता में तैनात हैं। इससे पहले उनकी पोस्टिंग ओल्ड मालदा में थी। दूसरे आरोपी अग्नि मैत्रा उनके रिश्तेदार बताए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों ने मालदा के कई लोगों से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर बड़ी रकम ली और निवेश पर आकर्षक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया।
रिटर्न नहीं मिला तो पुलिस तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों को यह भरोसा दिलाया कि शेयर बाजार में निवेश की गई रकम से उन्हें ऊंचा मुनाफा मिलेगा। इस भरोसे पर कई लोगों ने उन्हें पैसे दिए। हालांकि, जब तय या वादा किया गया रिटर्न नहीं मिला तो एक निवेशक ने अंग्रेजीबाजार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने निवेश के नाम पर लोगों से रकम जुटाई, लेकिन बाद में वादा किए गए रिटर्न का भुगतान नहीं किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और बाद में इसे राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
सोदपुर से गिरफ्तारी, मालदा ले आई पुलिस
आर्थिक अपराध शाखा की जांच के दौरान पुलिस को सुभदीप घोष और अग्नि मैत्रा के सोदपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मालदा लाया गया।
दोनों को मालदा जिला अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब हिरासत के दौरान आरोपियों से कथित निवेश योजना, रकम जुटाने के तरीके और निवेशकों को दिए गए आश्वासनों के बारे में पूछताछ कर रही है।
कितनी रकम जुटाई, कितने निवेशक—जांच जारी
पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने कुल कितनी रकम एकत्र की और कितने लोग कथित तौर पर इस योजना का शिकार हुए। जांचकर्ताओं द्वारा बैंक खातों, लेनदेन रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच का एक प्रमुख पहलू रकम के प्रवाह का पता लगाना भी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से प्राप्त धन वास्तव में शेयर बाजार में लगाया गया था या उसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया गया। यदि रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित की गई है तो उन खातों और संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
सरकारी पद का इस्तेमाल कर भरोसा बनाने की जांच
सुभदीप घोष के सरकारी अधिकारी होने के कारण जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या उनकी सरकारी नौकरी या पूर्व तैनाती का इस्तेमाल संभावित निवेशकों के बीच भरोसा कायम करने के लिए किया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है कि आबकारी विभाग इस कथित निवेश गतिविधि में किसी तरह शामिल था।
जांचकर्ता अग्नि मैत्रा की भूमिका भी स्पष्ट करने में जुटे हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या उन्होंने कथित तौर पर निवेशकों से संपर्क करने, रकम जुटाने या वित्तीय लेनदेन संभालने में घोष की मदद की थी।
और निवेशकों के सामने आने की संभावना
पुलिस ने अभी कथित धोखाधड़ी की कुल रकम और संभावित पीड़ितों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संभावित पीड़ितों के बयान सामने आने के बाद मामले का वास्तविक दायरा स्पष्ट होगा।
सात दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जांच एजेंसी कथित निवेश प्रस्ताव, रकम की वसूली, वादा किए गए रिटर्न और उसके बाद धन के इस्तेमाल की कड़ियों की जांच करेगी। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और मामले में आगे की कार्रवाई दस्तावेजी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
