नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में हुई है। 30 सितंबर को हुई इस घटना के बाद अलहमामी की पृष्ठभूमि, उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड और कथित विचारधारा की जांच की जा रही है। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसे पहले ओमान में कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर उड़ान भरने से रोका गया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि और घटना के वास्तविक मकसद को लेकर आधिकारिक जांच अभी जारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अलहमामी लंबे समय तक ओमान से बाहर रहा था और सीरिया में भी रहा। इस दौरान उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई है। बाद में वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा। अब जांच एजेंसियां उसके कथित संपर्कों, गतिविधियों और पृष्ठभूमि को फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना के संदर्भ में खंगाल रही हैं।
ओमान में उड़ान से रोके जाने का दावा
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अलहमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताए जाने की बात कही गई है। इसके बाद उसके ओमान छोड़ने की जानकारी सामने आई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय उस पर कोई औपचारिक आपराधिक कार्रवाई हुई थी या नहीं।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, अलहमामी को पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी ओमान एयर में प्रशिक्षण से जुड़ी भूमिका से भी हटाया गया था। कथित तौर पर उसके विचारों को लेकर चिंता इसके पीछे वजह बताई गई। हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दिए जाने का भी दावा है।
इन घटनाओं के बाद जांच का एक अहम सवाल यह है कि यदि उसके संबंध में पहले सुरक्षा चिंताएं सामने आई थीं तो वह बाद में अंतरराष्ट्रीय उड़ान के चालक दल में शामिल होने की प्रक्रिया से कैसे गुजरा।
सामान से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अलहमामी के सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ समूहों से जुड़े पर्चे और प्रकाशन तथा अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली। उसके बारे में यह भी कहा गया है कि उसने कई मौकों पर फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजरायल के प्रति विरोध जताया था।
जांच एजेंसियां इन सामग्रियों और उसके कथित विचारों को संभावित आतंकवादी मकसद के कोण से देख रही हैं। हालांकि, किसी राजनीतिक या वैचारिक रुख से अपने आप आतंकवादी मकसद साबित नहीं होता। घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
तेल अवीव उड़ान में कैसे मिला स्थान?
अलहमामी के चालक दल में शामिल होने को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वह ओमानी नागरिक है और उड़ान तेल अवीव जा रही थी। ओमान इजरायल को मान्यता नहीं देता और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा और अन्य संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अलहमामी की पृष्ठभूमि और पहले सामने आई सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उसे इस उड़ान में ड्यूटी की मंजूरी कैसे मिली।
यूएई में हुआ जन्म
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अलहमामी ओमानी नागरिक है और उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं। उसने अपने जीवन का एक हिस्सा यूएई में बिताया। जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि उसके पास दूसरी नागरिकता नहीं थी।
अलहमामी ने फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने काम किया था। इससे पहले वह मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मैरोक में कार्यरत था। घटना के बाद उसे सऊदी अरब से यूएई स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। यूएई में उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी जांच चलने की बात कही गई है।
कॉकपिट में हमले के बाद विमान नीचे आया
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अलहमामी ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला किया। घटना के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान से हाईजैक संबंधी आपात संकेत भेजे जाने की बात सामने आई।
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कथित हमले का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर अलहमामी को काबू किया। उड़ान में मौजूद दो गैर-ड्यूटी विमान चालकों ने भी विमान को नियंत्रित करने में मदद की।
इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग की। विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। घटना की जांच में अब हमाम अलहमामी की पृष्ठभूमि, कथित वैचारिक संपर्कों और विमान के कॉकपिट तक उसकी पहुंच समेत कई पहलुओं को शामिल किया गया है।
