पटना: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बी-बोस) में तैनात शिक्षा विभाग के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू की टीम ने गुरुवार को उनके पटना और बेगूसराय स्थित आवासों के साथ मीठापुर स्थित सरकारी कार्यालय में एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान दोनों आवासों से करीब ₹25.88 लाख नकद और लगभग ₹51.50 लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए। इसके अलावा आठ बैंक खातों में करीब ₹18.50 लाख जमा होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी को नोएडा सेक्टर-142 में एक फ्लैट के दस्तावेज भी मिले हैं, जिसके लिए करीब ₹60 लाख का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
ईओयू के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में काफी अधिक संपत्ति होने का संदेह है। इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी अब बरामद नकदी, आभूषण, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों का मिलान उनकी वैध आय से कर रही है।
आय से करीब 90 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, अजय कुमार सिंह के खिलाफ प्रथमदृष्टया आय के स्रोतों से करीब 90 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। प्रारंभिक आकलन में उनकी कुल संपत्ति करीब ₹3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये होने की बात सामने आई है। ईओयू अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों और निवेश के लिए रकम कहां से आई।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ईओयू ने अदालत से आवश्यक अनुमति लेकर अधिकारी से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य और कथित अवैध आय का आंकड़ा बढ़ सकता है।
घरों से नकदी और लाखों के गहने बरामद
तलाशी के दौरान पटना और बेगूसराय स्थित आवासों से करीब ₹25.88 लाख नकद मिले। इसके अलावा करीब ₹51.50 लाख मूल्य के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। ईओयू अब यह जांच कर रही है कि बरामद गहने कब और कहां से खरीदे गए तथा उनकी खरीद के लिए भुगतान किस स्रोत से किया गया था।
एजेंसी ने दोनों स्थानों से संपत्ति, बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई दस्तावेज भी जुटाए हैं। इन दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों से कराया जा सकता है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर ऐसी कोई अन्य संपत्ति या निवेश तो नहीं है, जिसकी जानकारी जांच के दौरान सामने नहीं आई है।
आठ बैंक खातों में ₹18.50 लाख
प्रारंभिक जांच में अजय कुमार सिंह से जुड़े आठ बैंक खातों में करीब ₹18.50 लाख जमा होने की जानकारी मिली है। ईओयू इन खातों के लेन-देन की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाएगी कि खातों में रकम किन स्रोतों से आई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
इसके अलावा पटना और बेगूसराय में बनाए गए मकानों की भी जांच की जा रही है। ईओयू अधिकारियों के अनुसार, संपत्तियों की खरीद, निर्माण और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों का मिलान अधिकारी की घोषित आय और सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन से किया जाएगा।
नोएडा के फ्लैट की भी जांच
जांच के दौरान नोएडा सेक्टर-142 स्थित एक फ्लैट से संबंधित दस्तावेज भी सामने आए हैं। ईओयू के मुताबिक, इस फ्लैट के लिए करीब ₹60 लाख का भुगतान किया जा चुका है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि फ्लैट खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और संपत्ति किसके नाम पर दर्ज है।
ईओयू की कार्रवाई केवल बरामद नकदी और आभूषणों तक सीमित नहीं है। एजेंसी संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अधिकारी की वैध आय और कथित संपत्ति के बीच वास्तविक अंतर कितना है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल के बाद आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल ईओयू ने बरामद सामग्री और दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बना लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
