Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

निजी यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रा से ठगी, ₹32 हजार फीस के नाम पर वसूले

August 21, 2026

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास ‘सुगम दर्शन’ के नाम पर ठगी का आरोप, पांच गिरफ्तार

August 21, 2026

आय से अधिक संपत्ति के मामले में बी-बोस उप निदेशक के ठिकानों पर छापा, ₹25.88 लाख नकद और ₹51.50 लाख के गहने बरामद

August 21, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Education»निजी यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रा से ठगी, ₹32 हजार फीस के नाम पर वसूले
Education

निजी यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रा से ठगी, ₹32 हजार फीस के नाम पर वसूले

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 21, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
साई नाथ एजुकेशनल की आधिकारिक वेबसाइट जैसी बनाई गई फिशिंग साइट; फर्जी प्रवेश और परिणाम दिखाकर छात्रों को गुमराह करने का आरोप, बिहार के वेबसाइट डिजाइनर की भूमिका सामने आई
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

आगरा: साइबर अपराधियों ने झारखंड के रांची में संचालित साई नाथ एजुकेशनल के नाम पर कथित तौर पर फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों को गुमराह किया। फर्जी वेबसाइट के जरिए प्रवेश और परीक्षा परिणाम से जुड़ी जानकारी दिखाए जाने का मामला सामने आया है। एक छात्रा ने इस वेबसाइट के माध्यम से ₹32 हजार फीस जमा की, लेकिन रकम संस्थान के खाते में नहीं पहुंची। इसके बाद संस्थान के ट्रस्टी की शिकायत पर मामले की जांच शुरू हुई।

साई नाथ एजुकेशनल ट्रस्ट का मुख्यालय आगरा में है। ट्रस्टी चंद्र प्रकाश अग्रवाल के मुताबिक, संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट sainathuniversity.com और sainathuniversity.net हैं। प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक गतिविधियों और परीक्षा परिणाम से संबंधित आधिकारिक जानकारी इन्हीं प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी की जाती है।

मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने संस्थान से संपर्क कर बताया कि उसने फीस के तौर पर ₹32 हजार जमा किए थे, लेकिन भुगतान संस्थान के बैंक खाते में नहीं पहुंचा। इसके बाद छात्रा को प्रवेश और फीस की स्थिति को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।

छात्रों को गुमराह करने के लिए बनाई फर्जी वेबसाइट

संस्थान की ओर से जांच किए जाने पर sainathuniversityresult.com नाम की एक वेबसाइट का पता चला। आरोप है कि यह वेबसाइट आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती बनाई गई थी, ताकि प्रवेश और परिणाम से जुड़ी जानकारी तलाशने वाले छात्र भ्रमित हो सकें।

संस्थान का आरोप है कि फर्जी वेबसाइट के जरिए छात्रों को गुमराह किया जा रहा था। इससे न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका थी, बल्कि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर भी खतरा पैदा हो सकता था। इसके बाद ट्रस्टी ने पुलिस से शिकायत कर फर्जी वेबसाइट को बंद कराने और उसके पीछे मौजूद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस अब वेबसाइट के तकनीकी विवरण, उसके निर्माण, पंजीकरण और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके साथ ही बैंक से उस खाते की जानकारी मांगी जा रही है, जिसमें वेबसाइट के जरिए छात्रों से रकम जमा कराने का आरोप है।

बिहार के वेबसाइट डिजाइनर की भूमिका सामने आई

साइबर क्राइम टीम की जांच में फर्जी वेबसाइट तैयार करने वाले व्यक्ति की पहचान बिहार निवासी वेबसाइट डिजाइनर नीरज मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस अब उसकी भूमिका, वेबसाइट तैयार करने के लिए उसे दिए गए निर्देश और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस के मुताबिक, फर्जी वेबसाइट के जरिए एक बैंक खाते में रकम जमा कराई गई थी। अब खाते के धारक और उसमें हुए लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल संस्थान के सामने केवल एक छात्रा की शिकायत आई है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं।

जांच एजेंसियां वेबसाइट के डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी वेबसाइट कितने समय तक सक्रिय रही, कितने छात्रों ने उसे देखा और क्या अन्य छात्रों से भी प्रवेश या परीक्षा के नाम पर रकम ली गई।

क्या है फिशिंग?

फिशिंग साइबर अपराध का एक तरीका है, जिसमें अपराधी असली कंपनी, बैंक, सरकारी विभाग या संस्थान से मिलती-जुलती वेबसाइट, ईमेल, संदेश या लिंक तैयार करते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को भ्रमित कर पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करना या सीधे रकम वसूलना होता है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, फिशिंग हमले तब अधिक खतरनाक हो जाते हैं जब अपराधी किसी वास्तविक संस्थान की वेबसाइट जैसी दिखने वाली साइट तैयार करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट का आधिकारिक वेब एड्रेस स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है, खासकर प्रवेश, परीक्षा और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों में।

पुलिस अब फर्जी वेबसाइट और उससे जुड़े बैंक खाते की जांच कर रही है। तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के विश्लेषण से फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क, संभावित पीड़ितों की संख्या और रकम के प्रवाह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleकाशी विश्वनाथ मंदिर के पास ‘सुगम दर्शन’ के नाम पर ठगी का आरोप, पांच गिरफ्तार
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास ‘सुगम दर्शन’ के नाम पर ठगी का आरोप, पांच गिरफ्तार

August 21, 2026

मास्टरमाइंड बच जाते हैं, खाते देने वाले पकड़े जाते हैं: साइबर फ्रॉड पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी

August 21, 2026

IIFL ग्राहकों के लिए अलर्ट: कर्मचारी बनकर ठग दे रहे फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और गारंटीड रिटर्न का झांसा

August 20, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.