नई दिल्ली। WhatsApp ने ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए एक नए सुरक्षा फीचर की परीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है। ‘Scam Alert’ नाम की यह सुविधा फिलहाल सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है और चुनिंदा Android बीटा परीक्षकों के बीच इसकी जांच की जा रही है। यह फीचर WhatsApp Beta for Android 2.26.34.1 में देखा गया है। इसका उद्देश्य अनजान नंबरों से शुरू होने वाली संदिग्ध बातचीत के पैटर्न को पहचानकर उपयोगकर्ता को समय रहते चेतावनी देना है।
यह सुविधा ऐसे समय में सामने आई है जब साइबर ठग फर्जी निवेश योजनाओं, आकर्षक पुरस्कार, डिलीवरी संबंधी संदेश, नौकरी या अन्य लालच के जरिए लोगों को बातचीत में फंसाकर ठगी कर रहे हैं। कई मामलों में ठगी की शुरुआत किसी अनजान नंबर से भेजे गए सामान्य संदेश से होती है और धीरे-धीरे उपयोगकर्ता से पैसे, व्यक्तिगत जानकारी या संवेदनशील खाते से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।
खुद सक्रिय करना होगा Scam Alert
Scam Alert फिलहाल एक वैकल्पिक सुविधा के तौर पर परीक्षण में है। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता को इसे अपनी WhatsApp सेटिंग्स के माध्यम से खुद सक्रिय करना होगा। बीटा संस्करण में यह विकल्प Account सेटिंग्स के भीतर उपलब्ध बताया गया है।
फीचर सक्रिय होने के बाद फोन में मौजूद मशीन लर्निंग मॉडल उन नंबरों से आने वाली बातचीत का विश्लेषण करेगा, जो उपयोगकर्ता की संपर्क सूची में सेव नहीं हैं। सिस्टम बातचीत में ऐसे पैटर्न तलाशेगा, जो पहले से पहचाने गए साइबर ठगी के तरीकों से जुड़े हो सकते हैं।
यदि किसी बातचीत को सिस्टम संदिग्ध मानता है, तो संबंधित चैट में उपयोगकर्ता को चेतावनी दिखाई जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह चेतावनी केवल संदेश प्राप्त करने वाले व्यक्ति को दिखाई देगी। संदेश भेजने वाले व्यक्ति को इस अलर्ट की जानकारी नहीं दी जाएगी।
इसके बाद उपयोगकर्ता के पास बातचीत जारी रखने का विकल्प रहेगा। वह चाहे तो संबंधित खाते को ब्लॉक या रिपोर्ट भी कर सकेगा। इस तरह WhatsApp उपयोगकर्ता को बातचीत के शुरुआती चरण में ही संभावित ठगी को पहचानने का अवसर देना चाहता है।
गलत अलर्ट आने पर चैट को Trusted कर सकेंगे
मशीन लर्निंग आधारित किसी भी प्रणाली की तरह इस सुविधा से भी गलत पहचान की संभावना बनी रह सकती है। यदि WhatsApp किसी सामान्य बातचीत को गलती से ठगी समझ लेता है, तो उपयोगकर्ता उस चैट को Trusted के तौर पर चिह्नित कर सकेगा। इसके बाद उस बातचीत में Scam Alert की चेतावनी दिखाई नहीं देगी।
इससे उपयोगकर्ता को सुरक्षा चेतावनी पर नियंत्रण भी मिलेगा और सामान्य बातचीत में बार-बार आने वाले गलत अलर्ट को हटाने का विकल्प भी रहेगा।
चैट की जांच फोन पर ही होगी
Scam Alert की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसकी गोपनीयता व्यवस्था है। Meta के अनुसार, इस सुविधा के लिए इस्तेमाल होने वाला मशीन लर्निंग मॉडल उपयोगकर्ता के डिवाइस पर ही डाउनलोड किया जाएगा और बातचीत का विश्लेषण भी वहीं किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, संदिग्ध बातचीत की सामग्री अपने आप WhatsApp, Meta या किसी बाहरी पक्ष को नहीं भेजी जाएगी। इसका मतलब है कि संभावित ठगी की पहचान करने की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर पूरी करने की कोशिश की जाएगी, जबकि उपयोगकर्ता की बातचीत की सामग्री को स्वचालित रूप से कंपनी के सर्वर तक भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, यदि उपयोगकर्ता को लगता है कि उसे गलत चेतावनी मिली है, तो वह अपनी इच्छा से हाल की पांच संदेशों वाली बातचीत WhatsApp को भेज सकता है। इससे कंपनी को पहचान प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। Meta के अनुसार, मशीन लर्निंग मॉडल को उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट की गई ठगी वाली बातचीत के पैटर्न के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है।
फर्जी निवेश और इनाम के नाम पर ठगी पर नजर
साइबर ठग अक्सर फर्जी निवेश अवसर, आकर्षक ऑफर, डिलीवरी संबंधी झूठे संदेश, इनाम जीतने के दावे या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर उपयोगकर्ताओं से संपर्क करते हैं। बातचीत शुरू होने के तुरंत बाद चेतावनी मिलने से उपयोगकर्ता को संदिग्ध लिंक खोलने, पैसे भेजने या निजी जानकारी साझा करने से पहले सावधान होने का अतिरिक्त मौका मिल सकता है।
हालांकि, WhatsApp ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि Scam Alert को सभी Android उपयोगकर्ताओं के लिए कब जारी किया जाएगा। iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए इस सुविधा की उपलब्धता को लेकर भी फिलहाल कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है। मौजूदा परीक्षण के परिणामों के आधार पर फीचर में बदलाव किए जा सकते हैं और इसके व्यापक स्तर पर जारी होने की तारीख बाद में सामने आ सकती है।
