बोस्टन। अमेरिका में अब तक सामने आए सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी मामलों में से एक में एक जॉर्जियाई नागरिक पर करीब ₹11,000 करोड़ के फर्जी स्वास्थ्य बीमा दावों से हासिल रकम को विदेश भेजकर ठिकाने लगाने की साजिश का आरोप लगा है। बोस्टन की संघीय ग्रैंड जूरी ने 33 वर्षीय एरेक्ले गुगावा के खिलाफ धनशोधन की साजिश के एक मामले में आरोप तय किए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपी जुलाई 2025 में अमेरिका से फरार हो गया था।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि गुगावा रूस और अन्य देशों में सक्रिय उस विदेशी संगठन के लिए धनशोधनकर्ता के रूप में काम कर रहा था, जिसने ‘ऑपरेशन गोल्ड रश’ नाम से चलाए गए विशाल स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी नेटवर्क को संचालित किया। इस संगठन पर Medicare और अन्य स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को निशाना बनाकर अरबों डॉलर की धोखाधड़ी और धनशोधन करने का आरोप है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, गुगावा ने फरवरी 2025 से जुलाई 2025 तक पेंसिल्वेनिया स्थित ND Medical Solutions LLC नामक टिकाऊ चिकित्सा उपकरण कंपनी पर कथित तौर पर नियंत्रण रखा। इस करीब पांच महीने की अवधि में कंपनी ने Medicare, Medicare पूरक बीमा उपलब्ध कराने वाली निजी बीमा कंपनियों, नियोक्ताओं द्वारा प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं और श्रमिक संघों की स्वास्थ्य योजनाओं के समक्ष कम से कम ₹11,000 करोड़ के फर्जी चिकित्सा उपकरण दावे पेश किए।
इन दावों के बदले संबंधित बीमा कंपनियों ने कंपनी को करीब ₹57 करोड़ का भुगतान किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि गुगावा ने इन अवैध रूप से हासिल रकम को बैंक खातों के माध्यम से आगे भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गुगावा ने ND Medical के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए और इन खातों पर वही अकेला अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था। Medicare पूरक बीमा कंपनियों और अन्य स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से मिलने वाले भुगतान के चेक इन खातों में जमा किए गए। इसके बाद रकम को विभिन्न विदेशी बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया, जहां से इसका लाभ कथित तौर पर विदेश में सक्रिय संगठन को पहुंचाया गया।
जांच में धोखाधड़ी के एक और गंभीर पहलू का खुलासा हुआ है। आरोप है कि फर्जी बीमा दावों को सही दिखाने के लिए मैसाचुसेट्स, पूरे न्यू इंग्लैंड क्षेत्र और अमेरिका के अन्य हिस्सों में रहने वाले नागरिकों की पहचान का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्ग और दिव्यांग अमेरिकी नागरिकों की थी।
कई लोगों ने Medicare और उससे जुड़े ठेकेदारों से शिकायत की कि उन्हें मिलने वाले लाभ विवरण में ऐसे चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति दिखाई गई, जो उन्हें कभी मिले ही नहीं थे। दस्तावेजों में ऐसे डॉक्टरों के नाम भी दर्ज थे, जिनसे संबंधित लोगों ने कभी इलाज नहीं कराया था। इन उपकरणों को ND Medical की ओर से वितरित किया हुआ दिखाया गया, जबकि पीड़ितों का कहना था कि वे इस कंपनी को जानते तक नहीं थे।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, गिरोह ने स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था की वैधता का भी फायदा उठाया। धोखाधड़ी से हासिल रकम Medicare और स्थापित निजी बीमा कंपनियों जैसे वैध स्रोतों से भुगतान के रूप में बैंकिंग प्रणाली में पहुंची। इसलिए शुरुआत में इन रकमों का स्वरूप सामान्य और वैध दिखाई देता था, जिससे उन्हें आगे भेजना और धनशोधन करना आसान हो गया।
गुगावा पर लगाए गए धनशोधन की साजिश के आरोप में अधिकतम 20 वर्ष की जेल, तीन वर्ष तक निगरानी में रिहाई और ₹4.2 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वास्तविक सजा संघीय अदालत द्वारा अमेरिकी सजा दिशानिर्देशों और संबंधित कानूनों के आधार पर तय की जाएगी।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 2007 से स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी पर कार्रवाई कर रहे उसके हेल्थ केयर फ्रॉड स्ट्राइक फोर्स कार्यक्रम ने अब तक 6,200 से अधिक आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में आरोपियों पर संघीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और निजी बीमा कंपनियों को सामूहिक रूप से ₹3.8 लाख करोड़ से अधिक के फर्जी दावे भेजने का आरोप है।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुगावा के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी केवल आरोप हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक उसे निर्दोष माना जाएगा।
