मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) में एक 24 वर्षीय युवक कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताकर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसके साथ मौजूद एक व्यक्ति के पास बंदूक मिलने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा कर रही है।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार शाम मुंबई में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होना था। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने पहुंचे युवक ने कथित तौर पर खुद को PMO से जुड़ा अधिकारी बताया। सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उसकी पहचान और प्रवेश संबंधी दावे की जांच की तो वह कोई वैध आधिकारिक पहचान-पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिससे उसके दावे की पुष्टि हो सके।
युवक की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति के साथ रोक लिया। तलाशी के दौरान दूसरे व्यक्ति के पास से एक बंदूक बरामद हुई। इसके बाद दोनों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने PMO अधिकारी होने का दावा क्यों किया और उसके साथ मौजूद व्यक्ति के पास हथियार रखने का उद्देश्य क्या था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक की उम्र 24 वर्ष है और उसने कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया था। उसके साथ मौजूद व्यक्ति को उसका ‘बॉडीगार्ड’ बताया जा रहा था। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि कर रही है कि दोनों के बीच वास्तविक संबंध क्या हैं और क्या दूसरा व्यक्ति वास्तव में उसकी सुरक्षा में तैनात था।
बरामद बंदूक को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार वैध था या नहीं और उसे रखने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक लाइसेंस या अनुमति थी या नहीं। दोनों के पास मौजूद पहचान संबंधी दस्तावेजों और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। जांच में दोनों आरोपियों से पूछताछ के अलावा उनके कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के तरीके और वहां प्रवेश करने के प्रयास से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। उनके मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी से यह पता लगाने की कोशिश भी की जा सकती है कि उन्होंने किसी व्यक्ति से संपर्क किया था या कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के लिए पहले से कोई योजना बनाई थी।
सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों को उस समय रोका जब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू थी। ऐसे आयोजनों में प्रवेश से पहले पहचान-पत्र और अनुमति की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान युवक के PMO अधिकारी होने के दावे पर संदेह हुआ और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करना था। यह सम्मेलन वित्तीय प्रौद्योगिकी, नवाचार, नियमन और वित्तीय क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषयों पर केंद्रित है। सम्मेलन में नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां, प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े संगठन, निवेशक और शिक्षाविद शामिल होते हैं।
इस घटना ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, संदिग्ध युवक और उसके साथी को कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रधानमंत्री तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया। इससे संभावित सुरक्षा जोखिम को समय रहते टाल दिया गया।
फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि PMO अधिकारी होने का कथित फर्जी दावा केवल कार्यक्रम स्थल में प्रवेश पाने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था। बंदूक की बरामदगी को देखते हुए पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हथियार कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा और उसे लाने वाले व्यक्ति की वास्तविक भूमिका क्या थी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
