Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

No Guarantee of Success, Yet Meta Bets $200 Billion on AI as Mark Zuckerberg Takes a Massive Risk

October 15, 2026

Supreme Court Upholds Ruling on Yes Bank’s ₹8,415 Crore AT-1 Bonds, Bringing Relief to Investors; Shares Plunge 14.53% on Verdict Day

October 15, 2026

BIS Certification to Become Mandatory for Sealed Drinking Water Sales in UP; 968 Units Given Deadline Until March 31, 2027

October 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»क्राइम»10 साल के कर विवाद के बाद McKinsey पर बड़ी कार्रवाई, ₹7,100 करोड़ की रकम जब्त
क्राइम

10 साल के कर विवाद के बाद McKinsey पर बड़ी कार्रवाई, ₹7,100 करोड़ की रकम जब्त

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 5, 2026No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
फ्रांस में अमेरिकी परामर्श कंपनी के खिलाफ लंबे समय से चल रही कथित कर धोखाधड़ी की जांच में फ्रांस और बेल्जियम के अभियोजकों की संयुक्त कार्रवाई; रकम फिलहाल अस्थायी रूप से फ्रीज, अंतिम फैसला अदालत करेगी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
पेरिस/न्यूयॉर्क। अमेरिकी परामर्श कंपनी McKinsey पर फ्रांस में कथित कर धोखाधड़ी की लंबे समय से चल रही जांच के बीच फ्रांस और बेल्जियम के अभियोजकों ने करीब ₹7,100 करोड़ की रकम अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। यह राशि €65.2 million के बराबर है और फ्रांसीसी अभियोजकों के मुताबिक कंपनी पर कथित तौर पर बकाया लगभग पूरी कर राशि के बराबर है। हालांकि, रकम की जब्ती को कंपनी के खिलाफ दोषसिद्धि नहीं माना गया है। जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत को करना होगा।
फ्रांस के वित्तीय अभियोजक कार्यालय ने बताया कि उसने बेल्जियम के अपने समकक्षों के साथ मिलकर अगस्त के अंत में McKinsey से संबंधित यह रकम जब्त की। अधिकारियों के मुताबिक रकम फिलहाल फ्रीज रहेगी और यदि जांच पूरी होने के बाद अदालत कंपनी पर जुर्माना या अन्य वित्तीय दायित्व तय करती है तो इसका इस्तेमाल उस दायित्व की पूर्ति के लिए किया जा सकता है।

2022 में शुरू हुई थी जांच

McKinsey के फ्रांस स्थित कारोबार की जांच वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। उस समय राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दोबारा चुनाव से पहले सरकारी कामकाज में निजी परामर्श कंपनियों की भूमिका फ्रांस में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई थी।
फ्रांसीसी सीनेट ने सरकारी विभागों द्वारा परामर्श कंपनियों को दिए गए ठेकों और उन पर होने वाले खर्च की जांच की थी। इस पड़ताल में सरकारी सलाहकारों पर खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सामने आई थी। McKinsey उन प्रमुख कंपनियों में शामिल थी, जिन्हें फ्रांसीसी सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान, तकनीकी परियोजनाओं और शिक्षा से जुड़े मामलों में सलाह देने के लिए नियुक्त किया था।
मैक्रों के राजनीतिक विरोधियों ने इस पूरे विवाद को सरकार की निजी परामर्श कंपनियों पर कथित अत्यधिक निर्भरता का उदाहरण बताया था। उनका तर्क था कि फ्रांस के पास बड़ी संख्या में अनुभवी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी होने के बावजूद बाहरी सलाहकार कंपनियों पर भारी सार्वजनिक धन खर्च किया गया।

10 साल तक कॉरपोरेट कर नहीं देने का आरोप

फ्रांसीसी सीनेट की जांच में McKinsey पर आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने फ्रांस में करीब 10 वर्षों तक कॉरपोरेट कर का भुगतान नहीं किया। कंपनी ने इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि उसने देश के सभी लागू कर तथा सामाजिक सुरक्षा कानूनों का पालन किया है।
मामले की जांच के दौरान मई 2022 में पुलिस ने McKinsey के पेरिस स्थित कार्यालयों पर छापेमारी भी की थी। फ्रांसीसी अभियोजक कार्यालय के मुताबिक 2025 और 2026 में मामले से जुड़े संदिग्धों और गवाहों से पूछताछ की गई।
अब जांच में बेल्जियम के अभियोजकों की भागीदारी भी सामने आई है। दोनों देशों की एजेंसियों ने मिलकर कंपनी से संबंधित वित्तीय रकम की जांच की और अगस्त के अंत में करीब ₹7,100 करोड़ की राशि को अस्थायी रूप से जब्त किया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

रकम जब्त, लेकिन दोष अभी साबित नहीं

अभियोजन पक्ष की यह कार्रवाई कानूनी तौर पर अस्थायी जब्ती है। इसका उद्देश्य जांच के दौरान संभावित वित्तीय दायित्व की वसूली सुनिश्चित करना है। यदि अदालत भविष्य में McKinsey को किसी कर देनदारी या जुर्माने के लिए जिम्मेदार ठहराती है, तो जब्त रकम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन फिलहाल किसी अदालत ने यह फैसला नहीं दिया है कि कंपनी ने कर धोखाधड़ी की है। इसलिए ₹7,100 करोड़ की जब्ती को अंतिम जुर्माना या दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।
McKinsey ने भी कार्रवाई पर सफाई देते हुए कहा कि यह फ्रांसीसी अधिकारियों की प्रारंभिक जांच से जुड़ी प्रक्रियात्मक कार्रवाई है और इसे दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए। कंपनी ने कहा कि वह फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ सहयोग जारी रखेगी और किसी भी गलत काम से इनकार करती है।

मैक्रों सरकार के सलाहकार विवाद से जुड़ा मामला

McKinsey फ्रांस में सरकारी सलाहकार कंपनियों के इस्तेमाल को लेकर उठे व्यापक राजनीतिक विवाद का सबसे चर्चित नाम बन गई थी। कंपनी उन कई परामर्श फर्मों में से एक थी जिन्हें फ्रांसीसी सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए काम सौंपा था। हालांकि, मैक्रों के विरोधियों ने McKinsey को अमेरिकी परामर्श कंपनियों के साथ सरकार के कथित करीबी संबंधों के प्रतीक के रूप में पेश किया।
विवाद का एक प्रमुख पहलू सरकारी ठेकों पर होने वाला खर्च था। सीनेट की जांच के बाद यह सवाल उठा कि सार्वजनिक संस्थानों को निजी सलाहकार कंपनियों पर कितना निर्भर रहना चाहिए और उनके लिए किए गए भुगतान की निगरानी किस तरह होनी चाहिए।
अब करीब ₹7,100 करोड़ की अस्थायी जब्ती ने इस पुराने विवाद को फिर वित्तीय और कानूनी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फ्रांस और बेल्जियम के अधिकारियों का सहयोग यह भी दर्शाता है कि जांच में कंपनी से जुड़े सीमा-पार वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि अभियोजक जांच पूरी होने के बाद अदालत के सामने क्या साक्ष्य रखते हैं। अदालत को यह तय करना होगा कि McKinsey पर वास्तव में कर देनदारी, जुर्माना या किसी अन्य कानूनी दायित्व की जिम्मेदारी बनती है या नहीं। फिलहाल कंपनी के खिलाफ लगाए गए कर धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है।
📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleग्राहक डाटा की सुरक्षा पर आरबीआई सख्त, एआई वेंडरों से लेकर सर्वर तक निगरानी के निर्देश
Next Article AI की दौड़ ने बढ़ाई अरबपतियों की दौलत, दुनिया में पहली बार 3,795 अरबपति; कुल संपत्ति ₹1,300 लाख करोड़ के पार
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

BHU Trauma Centre Faces Recruitment Crisis as Probe Committee Confirms Rule Violations

October 15, 2026

Alleged Plot to Hijack and Crash Dubai–Tel Aviv Flight: Two Maldivian Flydubai Pilots Arrested

October 14, 2026

Expensive Life-Saving Cancer Drugs Worth Up to ₹10.8 Lakh Stolen from Delhi Cancer Institute

October 14, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.