Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, उमर उन नबी को एनआईए ने बताया आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड

September 10, 2026

एआई से इंसानों के खत्म होने का 10% से ज्यादा खतरा! Anthropic के शोधकर्ता की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

September 9, 2026

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की चिट्ठी का खुलासा, फिलीपींस के रक्षा मंत्री बोले- यह कैसी कूटनीति?

September 9, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»राष्ट्रीय»लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, उमर उन नबी को एनआईए ने बताया आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड
राष्ट्रीय

लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, उमर उन नबी को एनआईए ने बताया आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 10, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
आरोप पत्र में एजीयूएच मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय करने और युवाओं का नेटवर्क तैयार करने की साजिश का दावा; सिग्नल के जरिए संपर्क में थे सहयोगी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
नई दिल्ली। लाल किला बम विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आरोप पत्र के जरिए आतंकी साजिश को लेकर कई अहम दावे किए हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सामने आए आरोप पत्र में एजेंसी ने विस्फोट में मारे गए उमर उन नबी को कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। आरोप पत्र के मुताबिक, उमर उन नबी उर्फ पिंडा और राहुल भट्ट अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) मॉड्यूल के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहा था।
बुधवार को मामले में सभी आरोपियों के वकीलों को आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष विस्फोट से जुड़ी कथित साजिश, एजीयूएच मॉड्यूल की गतिविधियों और आरोपियों के बीच संपर्क के बारे में अपने निष्कर्ष रखे। आरोप पत्र में उमर उन नबी की भूमिका को साजिश के केंद्र में बताया गया है।
एनआईए के अनुसार, उमर उन नबी वर्ष 2022 की शुरुआत से ही कथित तौर पर निष्क्रिय पड़े एजीयूएच मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय करने की योजना पर काम कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि उसका उद्देश्य भारतीय राज्य के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित लोगों का नेटवर्क तैयार करना था। जांच एजेंसी ने एजीयूएच को भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा से जुड़ी एक पुनर्जीवित इकाई के तौर पर बताया है।
आरोप पत्र में उमर उन नबी पर युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने और शहादत का महिमामंडन करने के आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, वह लोगों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा था। इसके अलावा उस पर गुप्त बैठकें आयोजित करने, आतंकी प्रशिक्षण की व्यवस्था में मदद करने और मॉड्यूल के सदस्यों के लिए जरूरी रसद उपलब्ध कराने का भी आरोप है।
जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि उमर उन नबी अफगानिस्तान जाने की योजना बना रहा था। आरोप पत्र के अनुसार, कथित साजिश में शामिल अन्य लोग उसके संपर्क में थे और आपसी संवाद के लिए एन्क्रिप्टेड संदेश सेवा सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता था। जांचकर्ताओं ने इस डिजिटल संपर्क को नेटवर्क के सदस्यों के बीच समन्वय और गतिविधियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना है।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

आरोप पत्र में कथित आतंकी नेटवर्क के विस्तार और उसकी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी दी गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि उमर उन नबी केवल व्यक्तिगत स्तर पर गतिविधियां नहीं चला रहा था, बल्कि एक संगठित मॉड्यूल को दोबारा खड़ा करने और उसके लिए लोगों को जोड़ने की कोशिश में था। इसके लिए कथित तौर पर युवाओं को प्रभावित करने, बैठकों के जरिए संपर्क बढ़ाने और प्रशिक्षण तथा रसद संबंधी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
उमर उन नबी की विस्फोट में मौत के बावजूद जांच एजेंसी ने उसे मामले की कथित साजिश का प्रमुख व्यक्ति बताया है। अब अदालत में आरोप पत्र के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों पर बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि अदालत में आरोप साबित होने के बाद ही तय होगी।

इंजीनियर राशिद की जमानत पर एनआईए से जवाब तलब

इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की जमानत याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी संकेत दिया कि राशिद को दिल्ली में रहने की शर्त के साथ जमानत देने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एनआईए की ओर से जमानत का विरोध किए जाने के दौरान की। राशिद पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत आतंकी फंडिंग से जुड़े आरोप हैं और वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।
अदालत ने एजेंसी से पूछा कि यदि उसकी मुख्य चिंता राशिद की कश्मीर में मौजूदगी और वहां उनके स्थानीय प्रभाव से जुड़ी है, तो क्या दिल्ली में रहने की शर्त के साथ जमानत दिए जाने पर भी आपत्ति होगी। पीठ ने यह भी पूछा कि यदि राशिद दिल्ली में रहने की व्यवस्था कर लें और उन्हें कश्मीर जाने की अनुमति न दी जाए, तो ऐसी स्थिति में एजेंसी का क्या रुख होगा।
अब एनआईए को अदालत के इस प्रस्ताव पर अपना जवाब देना है। आगे की सुनवाई में जमानत की संभावित शर्तों और एजेंसी की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleएआई से इंसानों के खत्म होने का 10% से ज्यादा खतरा! Anthropic के शोधकर्ता की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की चिट्ठी का खुलासा, फिलीपींस के रक्षा मंत्री बोले- यह कैसी कूटनीति?

September 9, 2026

ब्रिटेन में हवाई यातायात नियंत्रण में तकनीकी खराबी, 1,000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित; Air India ने जारी की सलाह

September 9, 2026

ऑनलाइन गेमिंग से बैंक खातों तक ठगी का जाल, हरियाणा में RBI ने तैयार किया नया सुरक्षा कवच

September 8, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.