नई दिल्ली। व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए 1 अक्टूबर से मैसेजिंग की लागत बढ़ने वाली है। मेटा 1 अक्टूबर 2026 से सर्विस मैसेज के लिए शुल्क लेना शुरू करेगा। इसके साथ ही ग्राहकों की ओर से शुरू की गई बातचीत के दौरान कारोबारियों की ओर से भेजे जाने वाले कुछ जवाब भी अब पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सर्विस मैसेज की कीमत संबंधित बाजार में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज के लिए लागू दरों के अनुरूप होगी।
मेटा के मुताबिक, सीधे व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म से जुड़े कारोबारियों और सॉल्यूशन प्रोवाइडर के जरिए सेवा लेने वाले व्यवसायों को 30 सितंबर तक अपने खाते में भुगतान का माध्यम जोड़ना होगा। ऐसा नहीं करने पर 1 अक्टूबर से उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रोक दी जाएगी। इसका सीधा असर उन कारोबारों पर पड़ सकता है जो ग्राहक सहायता, ऑर्डर अपडेट, शिकायतों के जवाब और अन्य सेवा संबंधी बातचीत के लिए व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं।
क्या होते हैं सर्विस मैसेज
सर्विस मैसेज ऐसे गैर-टेम्पलेट संदेश होते हैं जिन्हें ग्राहक सेवा प्रतिनिधि या किसी थर्ड-पार्टी एआई सिस्टम की मदद से भेजा जाता है। ये संदेश तभी भेजे जा सकते हैं जब ग्राहक के साथ 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो खुली हो। यानी कारोबार इन संदेशों के जरिए खुद से किसी ग्राहक के साथ नई बातचीत शुरू नहीं कर सकता।
अब तक ऐसे गैर-टेम्पलेट सर्विस मैसेज मुफ्त थे। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2024 से लागू थी। इसके अलावा, ग्राहक की ओर से शुरू की गई बातचीत की 24 घंटे की विंडो के भीतर भेजे जाने वाले कुछ यूटिलिटी मैसेज भी 1 जुलाई 2025 से मुफ्त थे। 1 अक्टूबर से इस व्यवस्था में बदलाव होगा और सर्विस मैसेज के साथ-साथ इस अवधि में भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेज पर भी शुल्क लागू होगा।
भारत में कितनी होगी कीमत
मेटा ने 1 अक्टूबर से लागू होने वाली बाजारवार दरें 1 सितंबर को प्रकाशित की थीं। भारत में मेटा बिजनेस एजेंट खातों के लिए बिलिंग मुद्रा भारतीय रुपया होगी। कंपनी के अनुसार, सर्विस मैसेज की दर भारत में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज पर लागू दर के अनुरूप होगी।
हालांकि, एआई आधारित मेटा बिजनेस एजेंट के संदेशों की व्यवस्था अलग है। इन संदेशों पर 1 अगस्त से टोकन आधारित शुल्क लागू है। इसमें एआई प्रोसेसिंग और संदेश डिलीवरी दोनों शामिल हैं। वैश्विक दर 10 लाख टोकन पर 2 डॉलर है। सामान्य तौर पर एक संदेश में करीब 20,000 से 25,000 टोकन इस्तेमाल हो सकते हैं, जिससे इसकी लागत लगभग 4 से 5 सेंट प्रति संदेश बैठती है। जटिल बातचीत में टोकन की खपत बढ़ने पर लागत भी बढ़ सकती है।
एक ही संदेश पर दो बार शुल्क नहीं
मेटा ने स्पष्ट किया है कि किसी संदेश पर दोहरी फीस नहीं लगेगी। यदि जवाब किसी इंसान या थर्ड-पार्टी एआई सिस्टम की ओर से भेजा जाता है तो उसे सर्विस मैसेज माना जाएगा और प्रति संदेश शुल्क लगेगा। वहीं, यदि जवाब मेटा बिजनेस एजेंट से तैयार होता है तो उस पर अलग टोकन आधारित शुल्क लागू होगा।
मेटा ने उदाहरण के तौर पर बताया है कि नई व्यवस्था में एक बातचीत के दौरान एक मार्केटिंग मैसेज, दो मेटा बिजनेस एजेंट जवाब, एक सर्विस जवाब और एक यूटिलिटी मैसेज होने पर कुल पांच शुल्क लग सकते हैं। पुरानी व्यवस्था में इसी उदाहरण में केवल मार्केटिंग मैसेज पर शुल्क लगता था।
30 सितंबर तक भुगतान माध्यम जरूरी
व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 30 सितंबर तक भुगतान का माध्यम जोड़ना होगा। इसके लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड का विकल्प उपलब्ध है। पात्र कारोबारियों के लिए मेटा की क्रेडिट लाइन और मासिक बिलिंग की सुविधा भी मौजूद है। वीजा और मास्टरकार्ड कार्ड का विकल्प 8 सितंबर से उपलब्ध कराया गया था।
हालांकि, विज्ञापन से व्हाट्सऐप पर आने वाले ग्राहकों के लिए मुफ्त एंट्री-पॉइंट विंडो में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे विज्ञापन पर क्लिक करके ग्राहक जब व्हाट्सऐप पर पहुंचता है, तो उस विंडो में संदेश डिलीवरी अभी भी मुफ्त रहेगी। लेकिन मेटा बिजनेस एजेंट से जुड़े एआई संदेशों पर टोकन आधारित शुल्क अलग से लग सकता है।
