Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

रेड बुल ने एफएसएसएआई के आदेश को हाई कोर्ट में दी चुनौती, ड्रिंक्स से ‘एनर्जी’ शब्द हटाने का मामला

September 28, 2026

एयर इंडिया AI-171 हादसे की अंतिम रिपोर्ट पर पायलट संगठन की तकनीकी भूमिका की मांग, स्वतंत्र समीक्षा में शामिल करने का आग्रह

September 28, 2026

एआई आवाज की नकल कर इटली के बड़े बैंक से €95 मिलियन की ठगी, ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

September 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Policy Watch»एयर इंडिया AI-171 हादसे की अंतिम रिपोर्ट पर पायलट संगठन की तकनीकी भूमिका की मांग, स्वतंत्र समीक्षा में शामिल करने का आग्रह
Policy Watch

एयर इंडिया AI-171 हादसे की अंतिम रिपोर्ट पर पायलट संगठन की तकनीकी भूमिका की मांग, स्वतंत्र समीक्षा में शामिल करने का आग्रह

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 28, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र भेजकर मसौदा रिपोर्ट की समीक्षा प्रक्रिया में ‘स्वतंत्र तकनीकी भागीदार’ के तौर पर शामिल किए जाने की मांग की; 12 जून 2025 के हादसे में 260 लोगों की हुई थी मौत
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
नई दिल्ली। अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे की जांच रिपोर्ट अंतिम चरण में पहुंचने के बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने मसौदा अंतिम रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा प्रक्रिया में औपचारिक भूमिका की मांग की है। संगठन ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से कहा है कि यदि जांच रिपोर्ट की समीक्षा के लिए कोई स्वतंत्र समिति या व्यवस्था बनाई जाती है, तो उसमें पेशेवर पायलट समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले तकनीकी विशेषज्ञ के तौर पर FIP को शामिल किया जाए।
FIP ने 25 सितंबर को नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू को भेजे पत्र में खुद को किसी भी प्रस्तावित समीक्षा व्यवस्था में ‘स्वतंत्र तकनीकी भागीदार’ के तौर पर नामित करने का आग्रह किया। संगठन ने यह भी मांग की कि उसके तकनीकी सुझावों और प्रस्तुतियों पर अंतिम जांच रिपोर्ट जारी होने से पहले औपचारिक और दस्तावेजी तरीके से विचार किया जाए।
यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) AI-171 हादसे की जांच पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मसौदा अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर में तैयार होने की उम्मीद है। FIP का कहना है कि उसे जानकारी मिली है कि सरकार या नागरिक उड्डयन मंत्रालय मसौदा रिपोर्ट को अंतिम रूप देने या प्रसारित करने से पहले किसी स्वतंत्र समिति से उसकी समीक्षा कराने पर विचार कर रहा है। संगठन ने इसी संभावित प्रक्रिया में अपनी तकनीकी भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की है।
हादसे से जुड़े तकनीकी पहलुओं को लेकर FIP पहले भी AAIB को अपनी बात बता चुका है। पिछले सप्ताह संगठन ने बोइंग 787 विमानों से जुड़े विद्युत प्रणाली के साक्ष्यों का व्यापक मूल्यांकन करने का अनुरोध किया था। FIP का कहना है कि AI-171 जांच में इस पहलू की भी विस्तृत तकनीकी समीक्षा की जानी चाहिए।
AI-171 हादसे में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान शामिल था। विमान का पंजीकरण VT-ANB था और यह अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रहा था। विमान ने उड़ान के कुछ ही समय बाद शुरुआती चढ़ाई के दौरान नियंत्रण खोया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। इनमें से 241 लोगों की मौत हुई और एक यात्री जीवित बचा। जमीन पर भी 19 लोगों की जान गई, जिससे कुल मृतक संख्या 260 हो गई। मृतकों में भारत के अलावा ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के नागरिक भी शामिल थे।
हादसे में शामिल VT-ANB विमान का निर्माण 2013 में हुआ था और इसमें GE के इंजन लगे थे। FIP द्वारा जांच के संदर्भ में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, विमान ने करीब 41,868 घंटे की उड़ान पूरी की थी। उसका एयरवर्थिनेस रिव्यू सर्टिफिकेट 23 मई 2026 तक वैध था।
AAIB ने अपनी अंतरिम जानकारी में कहा है कि जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अंतिम रिपोर्ट जांच से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी होने तथा आवश्यक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा और परामर्श प्रक्रिया के बाद जारी की जाएगी। हालांकि, अब तक ब्यूरो ने दुर्घटना के कारणों या किसी विशेष तकनीकी निष्कर्ष का विस्तृत खुलासा नहीं किया है।
जांच टीम पिछले एक वर्ष के दौरान हादसे से जुड़े तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। ऐसे में FIP की मांग जांच के अंतिम चरण में सामने आई है। संगठन चाहता है कि पेशेवर पायलटों के तकनीकी अनुभव और उसके द्वारा उठाए गए विमानन सुरक्षा संबंधी मुद्दों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले औपचारिक रूप से जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleएआई आवाज की नकल कर इटली के बड़े बैंक से €95 मिलियन की ठगी, ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
Next Article रेड बुल ने एफएसएसएआई के आदेश को हाई कोर्ट में दी चुनौती, ड्रिंक्स से ‘एनर्जी’ शब्द हटाने का मामला
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

एनटीए के नए दफ्तर की सुरक्षा अब CISF के हवाले, गोपनीय क्षेत्रों में कड़ी निगरानी; 39 जवान तैनात

September 27, 2026

ट्रंप ने होर्मुज का नया नक्शा किया पोस्ट, ‘ट्रंप स्ट्रेट’ नाम से मची हलचल; ईरान ने 7 दिन में जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव दिया

September 27, 2026

भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर पर स्पष्ट किया रुख, फॉर्म-6 और ECINET की होगी समीक्षा

September 26, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.