चंडीगढ़। पंजाब में शादी के जरिए कनाडा पहुंचाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच कनाडा के इमिग्रेशन अधिकारियों ने विदेशी नागरिकों और स्थायी निवासियों को विवाह संबंधी धोखाधड़ी को लेकर नई चेतावनी जारी की है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (आईआरसीसी) ने सोशल मीडिया पर जारी सलाह में कहा है कि केवल कनाडा की इमिग्रेशन स्थिति हासिल करने के उद्देश्य से बनाए गए वैवाहिक संबंधों की जांच की जाती है और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
आईआरसीसी के अनुसार, कुछ मामलों में प्रायोजक और विदेशी आवेदक ऐसा संबंध बनाते हैं जिसका मुख्य उद्देश्य विदेशी जीवनसाथी या साथी को कनाडा में इमिग्रेशन दिलाना होता है। इसे ‘रिलेशनशिप ऑफ कन्वीनियंस’ यानी सुविधा का रिश्ता कहा जाता है। इसमें विवाह के अलावा कॉमन-लॉ या वैवाहिक प्रकृति के अन्य संबंध भी शामिल हो सकते हैं।
कनाडाई प्राधिकरण ने लोगों को विवाह से पहले सतर्क रहने की सलाह दी है। चेतावनी में खास तौर पर ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया है, जहां दोनों लोग हाल में मिले हों, शादी जल्द करने का दबाव हो, सामने वाला व्यक्ति पहले कई बार विवाह या कॉमन-लॉ संबंध में रह चुका हो या उसके पारिवारिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि की पर्याप्त जानकारी उपलब्ध न हो।
आईआरसीसी ने कहा है कि उसके अधिकारी वास्तविक इमिग्रेशन आवेदनों और फर्जी विवाह के बीच अंतर करने के लिए प्रशिक्षित हैं। इसके लिए दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ प्रायोजक और आवेदक दोनों के साक्षात्कार भी लिए जा सकते हैं। कनाडाई नागरिक या स्थायी निवासी यदि इमिग्रेशन हासिल कराने के उद्देश्य से किए गए कथित फर्जी संबंध में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
इसी सलाह में घरेलू हिंसा का सामना कर रहे प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया गया है। आईआरसीसी ने कहा कि किसी व्यक्ति की कनाडा में स्थायी निवास स्थिति उसके हिंसक या उत्पीड़नकारी संबंध में बने रहने पर निर्भर नहीं है। कनाडाई नागरिक या स्थायी निवासी के साथ abusive relationship में रहने वाला व्यक्ति मदद मांग सकता है और स्थायी निवास बनाए रखने के लिए उसके साथ रहना जरूरी नहीं है।
पंजाब में सामने आए कई मामलों में आरोप है कि कनाडा जाने की इच्छा रखने वाले युवकों के परिवार संभावित दुल्हन की पढ़ाई, आईईएलटीएस तैयारी, यात्रा और अन्य खर्च उठाते हैं। कई मामलों में कथित तौर पर ऐसी युवतियों से शादी की जाती है जिनके पास कनाडा जाने या वहां रहने की बेहतर इमिग्रेशन स्थिति होती है। आरोप है कि शादी के बाद दुल्हन कनाडा पहुंचती है और वहां बसने के बाद पति को प्रायोजित करने या उसे कनाडा बुलाने से इनकार कर देती है। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद पुलिस शिकायत और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच जाते हैं।
फरवरी 2026 में पंजाब में ऐसे दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। बठिंडा के गगनदीप गढ़ ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने मोगा जिले के बाघापुराना की प्रिया गर्ग से शादी की थी। शिकायत के अनुसार, उसके परिवार से शादी और कनाडा जाने के खर्च के नाम पर कुल ₹22 लाख लिए गए। कनाडा पहुंचने के बाद प्रिया ने कथित तौर पर उसे प्रायोजित करने से इनकार कर दिया और परिवार से संपर्क तोड़ लिया। जांच के बाद पुलिस ने प्रिया गर्ग, उसके पिता विजय कुमार और मां संतोष रानी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दूसरे मामले में बठिंडा के बीबीवाला निवासी कुलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बेटे जसबीर सिंह की शादी मेहमा सरजा की गगनदीप कौर से कराई और उसे विदेश भेजने के लिए करीब ₹25 लाख खर्च किए। शिकायत के मुताबिक, कनाडा पहुंचने के बाद गगनदीप कौर ने जसबीर को अपने पास बुलाने से इनकार कर दिया और परिवार से संपर्क तोड़ दिया। जांच के बाद पुलिस ने गगनदीप कौर और उसके पिता तोता सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पंजाब में इससे पहले भी कथित फर्जी विवाह और इमिग्रेशन ठगी के मामले सामने आते रहे हैं। अगस्त 2025 में बरनाला पुलिस ने एक ऐसे मामले में कार्रवाई की थी, जिसमें कनाडा में रहने वाली महिला और उसकी बेटी पर युवकों को विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर ठगने के आरोप लगे थे। पुलिस जांच में कई युवकों को फर्जी सगाई और शादी के जरिए निशाना बनाने तथा शादी, पढ़ाई और आपात खर्च के नाम पर रकम लेने के आरोप सामने आए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए ऐसी दुल्हनों के रिश्ते दिखाए जाते हैं जो कनाडा में पढ़ाई, काम या स्थायी निवास के आधार पर रह रही होती हैं। आरोपों के मुताबिक, वर पक्ष से ₹15 लाख से ₹40 लाख या उससे अधिक तक खर्च कराया जाता है। इसमें हवाई यात्रा, कॉलेज फीस और शादी से जुड़े खर्च शामिल हो सकते हैं। शादी के बाद दुल्हन के कनाडा पहुंचने पर संपर्क कम होने या पति को बुलाने से इनकार करने के मामले सामने आने का दावा किया गया है।
कनाडा की ताजा सलाह ऐसे मामलों में विवाह और इमिग्रेशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविकता जांचने तथा केवल विदेश भेजने के वादे के आधार पर आर्थिक लेनदेन और वैवाहिक निर्णय लेने से पहले सावधानी बरतने पर जोर देती है।
