मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बड़े उद्योगपति की कोठी से करोड़ों रुपये के जेवर और नकदी चोरी होने के मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका और उसके कथित प्रेमी को कानपुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने वारदात को अंजाम देने से पहले कारोबारी की बुजुर्ग मां को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर दे दीं और इसके बाद तिजोरी से कीमती सामान लेकर फरार हो गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी महिला टेंपो से बेगमपुल पहुंची और वहां से रोडवेज बस पकड़कर कानपुर चली गई। सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों से पूछताछ और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस दोनों तक पहुंची। चोरी हुए जेवर और नकदी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी में उद्योगपति और खेल कारोबार से जुड़े आशुतोष भल्ला की कोठी है। वह भल्ला इंटरनेशनल विनेक्स नाम से स्पोर्ट्स कंपनी चलाते हैं। उनके घर में आठ घरेलू कर्मचारी और गार्ड काम करते हैं। पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर को घर में काम करने वाली रोशनी ने कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। रोशनी पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की रहने वाली है। आरोप है कि उसने कारोबारी की मां रेखा भल्ला के लिए चाय बनाई और उसमें नींद की गोलियां मिला दीं। बुजुर्ग महिला के अस्वस्थ होने के बाद वह तिजोरी से जेवर और नकदी लेकर घर के पिछले दरवाजे से निकल गई।
पिछले गेट से निकली, टेंपो से बेगमपुल पहुंची
पुलिस की जांच में सामने आया कि रोशनी चोरी के बाद बैग लेकर कोठी के पिछले गेट से बाहर निकली थी। इसके बाद वह मवाना रोड पहुंची और वहां से टेंपो में बैठकर बेगमपुल चली गई। बेगमपुल से उसने रोडवेज बस पकड़ी और कानपुर पहुंच गई। वहां उसका परिचित नीरज रहता था, जिसके साथ उसके प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि, खबर में उसके कथित प्रेमी का नाम नीरज और सूरज, दोनों रूपों में आया है। इस संबंध में पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कोठी और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 100 कैमरों की जांच के दौरान रोशनी की आखिरी लोकेशन बेगमपुल के आसपास मिली। इसके बाद वह पुलिस की नजरों से ओझल हो गई थी। जांच आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने घर में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की और उनके बयानों का मिलान किया।
रसोई में खुद चाय बनाने से गहराया शक
पुलिस ने कोठी में मौजूद सभी कर्मचारियों से पूछताछ की। रसोई की जिम्मेदारी संभालने वाले रसोइये को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान पता चला कि घटना वाले दिन दोपहर में रोशनी खुद रसोई में आई थी और उसने चाय बनाई थी। बताया गया कि वह अक्सर रेखा भल्ला के लिए चाय बनाती थी। पुलिस को आशंका है कि इसी परिचित स्थिति का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर चाय में नींद की गोलियां मिलाईं।
पूछताछ के दौरान पुलिस को रोशनी के कानपुर निवासी एक युवक के साथ संबंधों की जानकारी मिली। इसके बाद उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने कानपुर में दोनों की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, चोरी के सामान की बरामदगी को लेकर जांच अभी जारी है।
करोड़ों के माल की बरामदगी के प्रयास
पुलिस के सामने अब चोरी हुए जेवर और नकदी का पता लगाने की चुनौती है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से पहले सामान कहीं छिपा दिया था या उसे किसी अन्य स्थान पर रखा है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के बाद वे किन-किन जगहों पर गए और सामान कहां रखा गया। कथित आरोपी के दोस्तों, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है।
कारोबारी आशुतोष भल्ला की शिकायत पर रोशनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में चोरी की पूरी रकम और सामान का सत्यापन तथा बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
रेखा भल्ला की हालत खतरे से बाहर
घटना के बाद रेखा भल्ला की तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस के अनुसार, उन्हें पांच से सात नींद की गोलियां दिए जाने की आशंका है। हालांकि, गोलियों की वास्तविक मात्रा और उनके सेवन से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के तथ्यों और चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर की जानी है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
डिफेंस कॉलोनी में हाल के महीनों में कई आपराधिक घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे पहले सुबह की सैर पर निकले एक सेवानिवृत्त कर्नल पर कार सवार लोगों ने हमला किया था। एक अन्य घटना में मेरठ में तैनात न्यायिक अधिकारी के घर चोरी की वारदात हुई थी। अब उद्योगपति की कोठी में हुई इस घटना के बाद कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस चोरी के सामान की बरामदगी और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
