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Home»Trending»नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, चीन ने दी चेतावनी; बैरियर झील में तेजी से बढ़ रहा पानी
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नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, चीन ने दी चेतावनी; बैरियर झील में तेजी से बढ़ रहा पानी

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 27, 2026No Comments4 Mins Read
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संगम के पास बनी झील में अब तक करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा होने का दावा; अगले तीन दिनों में 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी आने का अनुमान, संभावित ब्रीच को लेकर चीन ने बढ़ाई निगरानी
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नई दिल्ली। नेपाल में हाल की भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के बीच एक नई प्राकृतिक आपदा का खतरा पैदा हो गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में चोछेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर झील बन गई है। गुरुवार सुबह तक इसमें करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा होने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक झील में पानी बढ़ने के साथ इसके ओवरफ्लो होने की स्थिति भी बनी हुई है।

चीन के आकलन के अनुसार, अगले तीन दिनों में झील में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी पहुंच सकता है। इससे झील के संभावित ब्रीच यानी अचानक टूटने का खतरा बढ़ गया है। यदि पानी का दबाव बढ़ने से झील टूटती है तो नीचे की ओर अचानक बड़ी मात्रा में पानी पहुंच सकता है, जिससे पहले से बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

संभावित ब्रीच को लेकर चीन ने बढ़ाई निगरानी

चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) की रिपोर्ट के अनुसार, चीन का जल संसाधन मंत्रालय झील की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। संभावित ब्रीच की स्थिति को समझने के लिए बाढ़ के सिमुलेशन और प्रभाव का विश्लेषण किया जा रहा है।

इन आकलनों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यदि झील टूटती है तो पानी किस दिशा में और कितनी तेजी से आगे बढ़ सकता है। इसके आधार पर जरूरत पड़ने पर आपातकालीन बचाव और राहत अभियान की तैयारी की जा रही है।

नेपाल में भूस्खलन के बाद बिगड़े हालात

यह खतरा ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल और चीन की सीमा से जुड़े क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हालात पहले से चुनौतीपूर्ण हैं। नेपाल की ओर से शुरू हुए एक बड़े मडस्लाइड ने दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजांग स्वायत्त क्षेत्र में स्थित ग्यिरोंग पोर्ट को भी प्रभावित किया है।

आपदा के बाद चीनी अधिकारियों ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन बचाव दलों के साथ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, इंजीनियरिंग टीमें, दूरसंचार कंपनियों और राहत संगठनों से जुड़े कर्मियों को तैनात किया गया है।

बचाव अभियान के दौरान लगातार बारिश, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित द्वितीयक आपदाओं का खतरा बड़ी चुनौती बना हुआ है। राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

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558 लोग अब भी लापता

चीनी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक आपदा में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि दो लोगों को बचाया जा चुका था। वहीं 558 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

ऐसे में बैरियर झील में लगातार बढ़ता पानी बचाव और राहत एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चिंता का कारण बन गया है। झील के संभावित टूटने की स्थिति में पहले से प्रभावित इलाकों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है।

बाढ़ के प्रभाव का आकलन जारी

चीन का जल संसाधन मंत्रालय संभावित बाढ़ के प्रभाव का आकलन कर रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि झील में पानी के स्तर, आसपास के भूगोल और संभावित जल प्रवाह के आधार पर जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

इसके लिए बाढ़ के अलग-अलग संभावित परिदृश्यों का सिमुलेशन किया जा रहा है। यदि झील के टूटने का खतरा बढ़ता है तो स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों को समय रहते बचाव अभियान शुरू करने में मदद मिल सकेगी।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता झील में अगले तीन दिनों के दौरान पहुंचने वाले अतिरिक्त पानी को लेकर है। चीन की निगरानी और आपातकालीन तैयारी के बीच नेपाल में भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि भारी बारिश, भूस्खलन और बढ़ते जलस्तर के बीच राहत अभियान को सुरक्षित तरीके से जारी रखा जाए।

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