पटना: पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान शनिवार को प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि पटना कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक छात्र मोबाइल फोन परीक्षा कक्ष में ले गया और परीक्षा के दौरान ही प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर व्हाट्सएप के माध्यम से बाहर भेज दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा केंद्र का जैमर चालू कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रश्नपत्र परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, लेकिन उसका उत्तर परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षार्थियों तक नहीं पहुंचा। इसी आधार पर विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द नहीं करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार, पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा शनिवार को पटना कॉलेज, बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज सहित तीन केंद्रों पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान केवल पटना कॉलेज केंद्र से प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना मिली, जबकि अन्य दोनों केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की बात अधिकारियों ने कही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रश्नपत्र दोपहर लगभग 12:02 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उस समय परीक्षा केंद्र का जैमर बंद था। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, प्रशासन ने तत्काल जैमर को सक्रिय कराया ताकि किसी भी प्रकार का डिजिटल संचार रोका जा सके और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपित छात्र किसी तरह मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने में सफल हो गया। परीक्षा के दौरान उसने प्रश्नपत्र की तस्वीर लेकर उसे व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेज दिया। हालांकि घटना के बाद जब जांच की गई तो संबंधित छात्र परीक्षा केंद्र से निकल चुका था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उसकी पहचान सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
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घटना ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिस बल तैनात था और परीक्षार्थियों की जांच किए जाने का दावा किया गया था। इसके बावजूद एक छात्र के मोबाइल फोन सहित परीक्षा कक्ष तक पहुंच जाने से जांच प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठ रहे हैं। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि घटना के बाद परीक्षा कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध सूचनाओं की भी जांच की गई, लेकिन ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि वायरल प्रश्नपत्र के उत्तर परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षार्थियों तक पहुंचाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तत्काल कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया।
इसी आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल एलएलबी प्रवेश परीक्षा रद्द नहीं करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह सामने आता कि प्रश्नपत्र के साथ उत्तर भी परीक्षार्थियों तक पहुंच गए थे या परीक्षा की गोपनीयता व्यापक रूप से प्रभावित हुई थी, तो स्थिति अलग हो सकती थी। फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
विश्वविद्यालय ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। दोषी छात्र की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य की परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त की जाएगी ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
