नई दिल्ली। NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किए गए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई रोक हटने के बाद देशभर में Telegram की अधिकांश सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं। उपयोगकर्ता अब सामान्य रूप से संदेश भेज और प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि ऐप को Google Play Store और Apple App Store पर भी दोबारा उपलब्ध करा दिया गया है। हालांकि, प्लेटफॉर्म का मैसेज एडिट फीचर फिलहाल बंद रखा गया है और यह प्रतिबंध 30 जून तक जारी रहेगा।
पिछले सप्ताह NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Telegram की कुछ सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया था। अधिकारियों को आशंका थी कि परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री, प्रश्नपत्र या अन्य गोपनीय सूचनाओं के प्रसार में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसी कारण एहतियाती कदम के रूप में यह कार्रवाई की गई थी।
प्रतिबंध हटने के बाद बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने पुष्टि की कि Telegram पर मैसेजिंग सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। व्यक्तिगत और समूह चैट दोनों में संदेशों का आदान-प्रदान शुरू हो गया है। हालांकि, मैसेज एडिट करने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। सरकार और संबंधित एजेंसियों ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त होने तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सूचना में बदलाव की संभावना को सीमित किया जा सके।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एडिट फीचर पर अस्थायी रोक एक असाधारण कदम है, जिसका उद्देश्य परीक्षा से संबंधित सामग्री में बाद में किए जाने वाले संभावित बदलावों को रोकना हो सकता है। कई जांच एजेंसियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई जानकारी के रिकॉर्ड और टाइमलाइन का विश्लेषण करती हैं, ऐसे में संदेश संपादन की सुविधा जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
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हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में सेवाएं बहाल हो चुकी हैं, फिर भी कुछ उपयोगकर्ताओं ने चैट एक्सेस करने, फाइल डाउनलोड करने या संदेश भेजने में दिक्कत आने की शिकायत की है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या सर्वर सिंक्रोनाइजेशन, कैश डेटा या पुराने ऐप संस्करण के कारण हो सकती है। कई मामलों में ऐप को अपडेट करने या दोबारा शुरू करने के बाद सेवाएं सामान्य होती देखी गई हैं।
एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे Google Play Store पर जाकर Telegram का नवीनतम संस्करण इंस्टॉल करें। इसके बाद ऐप को पूरी तरह बंद कर दोबारा शुरू करें। वहीं iPhone उपयोगकर्ताओं को App Store से अपडेट डाउनलोड कर ऐप को रीस्टार्ट करने की सलाह दी गई है। तकनीकी सहायता मंचों पर भी इसी प्रकार के समाधान सुझाए जा रहे हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा, भर्ती और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकारें और नियामक संस्थाएं समय-समय पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने को मजबूर होती हैं। प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार परीक्षा संबंधी अपराध अब पारंपरिक लीक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया चैनलों और डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से भी संगठित तरीके से अंजाम दिए जा रहे हैं। इसलिए तकनीकी निगरानी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही दोनों महत्वपूर्ण हो गई हैं।
Telegram पर लगी अस्थायी रोक हटने से लाखों उपयोगकर्ताओं को राहत मिली है, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म व्यक्तिगत संचार, व्यावसायिक संवाद, शैक्षणिक समूहों और डिजिटल समुदायों के बीच व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। हालांकि 30 जून तक एडिट फीचर पर जारी प्रतिबंध यह संकेत देता है कि परीक्षा सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार अभी भी सतर्क रुख बनाए हुए है। आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद शेष प्रतिबंध भी हटाए जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल उपयोगकर्ताओं को सीमित सुविधाओं के साथ ही प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा।
