वॉशिंगटन: अमेरिका में बच्चों के ऑटिज्म उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली Applied Behavior Analysis (ABA) थेरेपी पर Medicaid के खर्च में तेज बढ़ोतरी ने सरकारी धन के इस्तेमाल और संभावित धोखाधड़ी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2024 के बीच Medicaid के तहत ABA से जुड़े एक बिलिंग कोड के माध्यम से करीब 5.15 अरब डॉलर यानी लगभग ₹45,320 करोड़ का भुगतान किया गया। इसी अवधि में तीन प्रदाताओं को करीब 68.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹6,028 करोड़ का Medicaid प्रतिपूर्ति भुगतान मिला।
यहां डॉलर से रुपये का रूपांतरण लगभग ₹88 प्रति डॉलर की दर से किया गया है। हालांकि, केवल अधिक भुगतान होना अपने आप में धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े भुगतान कई वैध कारणों से भी हो सकते हैं, जिनमें मरीजों की संख्या बढ़ना, उपचार की अवधि और सेवाओं की मांग शामिल हैं।
ABA थेरेपी ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रमुख उपचारों में शामिल है। इसमें प्रशिक्षित पेशेवर बच्चों के साथ संरचित और आमतौर पर व्यक्तिगत सत्रों के माध्यम से काम करते हैं। इसका उद्देश्य संवाद, सामाजिक व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने में मदद करना है। परिवारों और चिकित्सकीय विशेषज्ञों के बीच इस उपचार की उपयोगिता को लेकर अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन कई परिवार इसे बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
अमेरिकी Centers for Medicare & Medicaid Services (CMS) के अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में Medicaid के तहत ABA थेरेपी पर खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। CMS ने कहा कि आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं तक पहुंच प्राथमिकता बनी हुई है, लेकिन कार्यक्रम का तेजी से विस्तार यह सुनिश्चित करने की जरूरत भी बढ़ाता है कि सेवाएं चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त हों, योग्य प्रदाताओं द्वारा दी जाएं और मजबूत निगरानी व्यवस्था के तहत उपलब्ध हों।
खर्च बढ़ने के साथ संघीय अभियोजकों ने ABA प्रदाताओं से जुड़े कई कथित धोखाधड़ी मामलों में कार्रवाई की है। मई में मिनेसोटा की दो ऑटिज्म क्लीनिक संचालकों पर Medicaid को करीब 4.66 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹410 करोड़ की ऐसी सेवाओं के लिए बिल करने का आरोप लगाया गया, जिन्हें अभियोजकों के अनुसार या तो उपलब्ध नहीं कराया गया था या जिनकी चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं थी।
एक अन्य मामले में मिनेसोटा की एक महिला ने करीब 1.4 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹123 करोड़ की Medicaid ऑटिज्म धोखाधड़ी योजना से जुड़े आरोपों में दोष स्वीकार किया। इन मामलों की जांच में यह आरोप सामने आया कि कुछ प्रदाताओं ने ऐसी थेरेपी के लिए भी बिलिंग की जो वास्तव में दी नहीं गई थी, जबकि कुछ मामलों में उपचार के घंटों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप है।
कुछ प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों की जांचों में भी ABA सेवाओं से संबंधित कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों में आरोप लगाया गया कि Medicaid खर्च बढ़ने के साथ कुछ प्रदाताओं ने तेजी से विस्तार किया और कुछ मामलों में वास्तविक सेवाओं की तुलना में अधिक घंटों की बिलिंग की गई।
यह मुद्दा अमेरिकी प्रशासन की उस व्यापक नीति के बीच सामने आया है जिसमें संघीय कार्यक्रमों में धोखाधड़ी, बर्बादी और दुरुपयोग को कम करने पर जोर दिया जा रहा है। Medicaid, जो कम आय वाले और पात्र अमेरिकी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्रमुख सरकारी कार्यक्रम है, इस निगरानी के केंद्र में है।
अलग-अलग राज्यों ने इस चुनौती से निपटने के लिए अलग रणनीतियां अपनाई हैं। फ्लोरिडा सरकार के अनुसार, राज्य ने पिछले एक वर्ष में अनुचित Medicaid भुगतानों के रूप में 7.2 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹634 करोड़ से अधिक की राशि वापस हासिल की है। राज्य ने प्रदाता जांच, धोखाधड़ी की पहचान और निगरानी मजबूत करने के लिए Medicaid Integrity Initiative भी शुरू की है।
वहीं, जॉर्जिया में नीति निर्माताओं का ध्यान Medicaid की प्रतिपूर्ति दरों पर है। उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया है कि राज्य में ऑटिज्म थेरेपी सेवाओं का इस्तेमाल हाल के वर्षों में 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है।
पूरे विवाद के केंद्र में एक कठिन संतुलन है। सरकारें जहां करदाताओं के पैसे की कथित धोखाधड़ी और गलत भुगतान को रोकना चाहती हैं, वहीं अत्यधिक सख्ती से उन बच्चों और परिवारों की उपचार तक पहुंच प्रभावित होने की आशंका भी है जिन्हें ABA जैसी सेवाओं की जरूरत है। इसलिए जांच एजेंसियों और Medicaid अधिकारियों के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि वास्तविक मरीजों के लिए जरूरी उपचार जारी रहे और सरकारी धन का दुरुपयोग भी रोका जा सके।
