Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

UPI पर आम यूजर्स से नहीं लगेगा कोई चार्ज, MDR को लेकर सरकार ने साफ की तस्वीर

August 8, 2026

बिहार के मुंगेर और जमालपुर में ED की पांच ठिकानों पर छापेमारी, ₹2.56 लाख वाले कथित डिजिटल जॉब फ्रॉड की जांच

August 8, 2026

बच्चों की ऑटिज्म थेरेपी पर ₹44,000 करोड़ से ज्यादा खर्च, Medicaid में कथित धोखाधड़ी ने बढ़ाई चिंता

August 8, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»क्राइम»बिहार के मुंगेर और जमालपुर में ED की पांच ठिकानों पर छापेमारी, ₹2.56 लाख वाले कथित डिजिटल जॉब फ्रॉड की जांच
क्राइम

बिहार के मुंगेर और जमालपुर में ED की पांच ठिकानों पर छापेमारी, ₹2.56 लाख वाले कथित डिजिटल जॉब फ्रॉड की जांच

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 8, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
PMLA के तहत जांच में ₹15,000 मासिक कमाई और रेफरल इंसेंटिव का झांसा देने का आरोप; नौकरी के नाम पर अग्रिम रकम जुटाने और फंड ट्रेल की पड़ताल तेज
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

पटना/मुंगेर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार के मुंगेर और जमालपुर में करीब पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई कथित डिजिटल जॉब फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। मामला मुंगेर पुलिस द्वारा दर्ज केस से जुड़ा है, जिसके आधार पर बाद में Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जांच शुरू की गई।

जांच का केंद्र एक ऐसी कथित योजना है, जिसमें नौकरी और नियमित आय का अवसर देने के नाम पर लोगों से बड़ी अग्रिम रकम जमा कराने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, योजना में शामिल होने वाले लोगों से कथित तौर पर ₹2.56 लाख जमा कराने और एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्धारित संख्या में ऑडियो और वीडियो देखने जैसी गतिविधियां पूरी करने को कहा गया था।

इसके बदले प्रतिभागियों को करीब ₹15,000 प्रतिमाह कमाई का भरोसा दिए जाने का आरोप है। इसके अलावा नए लोगों को योजना से जोड़ने या रेफर करने पर इंसेंटिव देने की बात भी सामने आई है। ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी व्यवस्था को वास्तव में रोजगार के अवसर के रूप में संचालित किया गया था या इसका मुख्य उद्देश्य लोगों से रकम जुटाना था।

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, प्रतिभागियों द्वारा रकम जमा करने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मुश्किल या असंभव हो गया। इससे कथित तौर पर वे उन गतिविधियों को पूरा नहीं कर सके, जिनके आधार पर उन्हें मासिक आय देने का वादा किया गया था। इस घटनाक्रम ने योजना की वास्तविक प्रकृति और इसके पीछे मौजूद व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

ED अब कथित योजना से जुड़े वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिभागियों से रकम किन बैंक खातों या माध्यमों से जमा कराई गई, पैसा जमा होने के बाद किन खातों में स्थानांतरित किया गया और इस रकम से किन लोगों या संस्थाओं को कथित तौर पर लाभ मिला।

मुंगेर और जमालपुर में की गई तलाशी का उद्देश्य कथित धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय और डिजिटल साक्ष्य जुटाना भी है। जांच में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े रिकॉर्ड, प्रतिभागियों के साथ हुई बातचीत, भुगतान संबंधी दस्तावेज और रकम की वसूली तथा ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

यह मामला रोजगार से जुड़े साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के उस तरीके की ओर भी ध्यान खींचता है, जिसमें नौकरी के अवसर के साथ निवेश, निश्चित आय या रेफरल इंसेंटिव को जोड़ दिया जाता है। ऐसी योजनाएं बेरोजगार या अतिरिक्त आय की तलाश कर रहे लोगों को आकर्षित कर सकती हैं, क्योंकि इन्हें सामान्य निवेश योजना के बजाय नियमित कमाई के अवसर के रूप में पेश किया जाता है।

मुंगेर मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित तौर पर प्रतिभागियों को कमाई शुरू करने से पहले ₹2.56 लाख की बड़ी रकम जमा करनी थी। ED यह जांच रही है कि निश्चित मासिक आय के संबंध में किए गए दावे किसी वास्तविक रोजगार, सेवा या कारोबारी गतिविधि पर आधारित थे या नहीं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वास्तविक नियोक्ता आम तौर पर वेतन देने के लिए उम्मीदवारों से बड़ी अग्रिम रकम जमा कराने की मांग नहीं करते। ऐसे में नौकरी के नाम पर बड़ी रकम जमा कराने, निश्चित आय का भरोसा देने या नए लोगों को जोड़ने के बदले आर्थिक लाभ देने वाली योजनाओं को गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए।

कथित योजना में रेफरल इंसेंटिव का पहलू भी जांच के दायरे में है। ED यह पता लगा रही है कि क्या पहले से जुड़े लोगों को नए प्रतिभागियों को लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। यदि ऐसा था, तो इससे योजना के विस्तार और इसके संभावित नेटवर्क की संरचना को समझने में मदद मिल सकती है।

PMLA के तहत ED की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम अपराध से अर्जित आय यानी proceeds of crime की श्रेणी में आती है या नहीं और उसका आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्य इस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ED की तलाशी और जांच अपने आप में किसी व्यक्ति या संस्था के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और अंतिम रूप से साबित नहीं हुए हैं। एजेंसी तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों और आगे की वित्तीय जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी।

मुंगेर और जमालपुर की यह कार्रवाई ऐसे ऑनलाइन रोजगार प्रस्तावों के जोखिम को सामने लाती है, जिनमें नौकरी या निश्चित मासिक आय के बदले बड़ी अग्रिम रकम मांगी जाती है। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित डिजिटल जॉब योजना के पीछे कोई व्यापक नेटवर्क सक्रिय था या नहीं और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का वास्तविक स्वरूप क्या था।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleबच्चों की ऑटिज्म थेरेपी पर ₹44,000 करोड़ से ज्यादा खर्च, Medicaid में कथित धोखाधड़ी ने बढ़ाई चिंता
Next Article UPI पर आम यूजर्स से नहीं लगेगा कोई चार्ज, MDR को लेकर सरकार ने साफ की तस्वीर
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

UPI पर आम यूजर्स से नहीं लगेगा कोई चार्ज, MDR को लेकर सरकार ने साफ की तस्वीर

August 8, 2026

बच्चों की सुरक्षा में नाकामी पर Meta पर ₹8,958 करोड़ का जुर्माना, अमेरिकी अदालत ने लगाए कड़े प्रतिबंध

August 8, 2026

एसएसपी आवास की सरकारी भूमि पर कब्जे की कथित साजिश, दो भाई गिरफ्तार; फर्जी दस्तावेजों से स्वामित्व का दावा करने का आरोप

August 7, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.