Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

AI की दौड़ ने बढ़ाई अरबपतियों की दौलत, दुनिया में पहली बार 3,795 अरबपति; कुल संपत्ति ₹1,300 लाख करोड़ के पार

September 6, 2026

10 साल के कर विवाद के बाद McKinsey पर बड़ी कार्रवाई, ₹7,100 करोड़ की रकम जब्त

September 5, 2026

ग्राहक डाटा की सुरक्षा पर आरबीआई सख्त, एआई वेंडरों से लेकर सर्वर तक निगरानी के निर्देश

September 5, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Development»योगी सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 को दी मंजूरी, ‘सभी के लिए आवास’ मिशन में मिलेगा फायदा
Development

योगी सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 को दी मंजूरी, ‘सभी के लिए आवास’ मिशन में मिलेगा फायदा

BharatSpeaksBy BharatSpeaksOctober 14, 2021No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
योगी सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 को दी मंजूरी, 'सभी के लिए आवास' मिशन में मिलेगा फायदा
योगी सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2014 को दी मंजूरी, 'सभी के लिए आवास' मिशन में मिलेगा फायदा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के योगी सरकार जनता के हित के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके बीच योगी सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति -2014 (लाइसेंस आधारित प्रणाली) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में निजी पूंजी निवेश के माध्यम से आवास योजनाओं के विकास के लिए यूपी आवास विकास परिषद और सभी विकास प्राधिकरणों के लिए नए नियम जारी किए गए हैं|

इसको लेकर सरकार की तरफ से कहा गया कि संशोधित नीति से डेवलपर्स को लंबित एकीकृत टाउनशिप परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, नए नियम डेवलपर्स को अधिक निवेश करने और चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं के विकास की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। सरकार ने एक बयान में कहा कि इससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस नई नीति के लागू होने से शहरी विकास शुल्क तभी वसूलने का प्रावधान है जब डेवलपर विकास परमिट प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करता है। इसका मतलब है कि टाउनशिप डेवलपर्स और संबंधित अधिकारियों को अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूरी के समय भुगतान करने के बजाय ले आउट योजना के अनुसार शुल्क का भुगतान करना होगा।

सरकार को उम्मीद है कि ताजा फैसले से ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को हासिल करने में तेजी आएगी। महामारी के बाद बढ़ी हुई संपत्ति खरीदने की भावनाओं के बीच यह निर्णय आया है। कम संपत्ति लागत और कम ब्याज दरों के कारण खरीदारी की गति जारी रहने की उम्मीद है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleसाइबर अपराध, एटीएम, यूपीआई व इंटरनेट मीडिया फ्राड व हनी ट्रैप से बचने क उपाय
Next Article बेसहारा लोगों का सहारा बनी योगी सरकार, कोरोना पीड़ितों के परिजनों को 50,000 की वित्तीय सहायता देने की घोषणा
BharatSpeaks

Related Posts

QR पेमेंट पर बड़ा संकट! री-KYC नहीं हुई तो 15 सितंबर के बाद रुक सकता है पैसा लेना

September 2, 2026

UPI पर अब AI एजेंट कर सकेंगे छोटे भुगतान, NPCI लाने जा रहा ‘Unified Agent Protocol’

September 2, 2026

upGrad-Unacademy का बड़ा विलय पूरा, ₹1,800 करोड़ से ज्यादा की डील में बदला शिक्षा बाजार का समीकरण

September 1, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.