नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) जल्द ही UPI पर AI एजेंट के जरिए छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को सक्षम बनाने वाला नया ढांचा पेश कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI अगले सप्ताह मुंबई में होने वाले Global Fintech Fest 2026 के दौरान ‘Unified Agent Protocol’ लॉन्च करने की तैयारी में है। इस व्यवस्था के लागू होने पर AI एजेंट उपयोगकर्ता की ओर से कुछ छोटे भुगतानों को पूरा कर सकेंगे और हर लेनदेन के लिए उपयोगकर्ता को अलग से मंजूरी देने की जरूरत नहीं होगी।
मौजूदा व्यवस्था में UPI भुगतान के दौरान उपयोगकर्ता को सामान्यतः लेनदेन की पुष्टि करनी होती है। प्रस्तावित ढांचा इस प्रक्रिया को कुछ परिस्थितियों में स्वचालित बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे नियमित और कम मूल्य वाले भुगतानों को आसान बनाना है, जिन्हें उपयोगकर्ता पहले से अधिकृत कर सकता है।
UPI की मौजूदा सुविधाओं का इस्तेमाल
प्रस्तावित ‘Unified Agent Protocol’ के लिए NPCI अपनी मौजूदा भुगतान सुविधाओं UPI Circle और Reserve Pay का इस्तेमाल कर सकता है। UPI Circle के माध्यम से कोई प्राथमिक उपयोगकर्ता दूसरे व्यक्ति को अपने UPI खाते से भुगतान करने की अनुमति दे सकता है, जबकि Reserve Pay जैसी व्यवस्था पहले से तय सीमा और शर्तों के तहत भुगतान को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद करती है।
AI एजेंट इन क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए उपयोगकर्ता की ओर से कुछ निर्धारित परिस्थितियों में भुगतान करने में सक्षम हो सकते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था में भुगतान की सीमा, उपयोगकर्ता की अनुमति, लेनदेन की शर्तें और सुरक्षा नियंत्रण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पिछले साल NPCI ने किया था परीक्षण
NPCI पहले ही UPI पर एजेंट आधारित भुगतान की संभावना का प्रदर्शन कर चुका है। पिछले वर्ष किए गए एक परीक्षण में यह दिखाया गया था कि AI एजेंट किस तरह उपयोगकर्ता की ओर से डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को संचालित कर सकते हैं।
इसके बाद निजी क्षेत्र की कई वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां भी इस दिशा में काम कर रही हैं। Pine Labs, Razorpay और Cashfree जैसी कंपनियां एजेंट आधारित भुगतान को सक्षम करने वाले उपकरण और समाधान विकसित कर रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि भुगतान उद्योग में AI एजेंट को केवल जानकारी उपलब्ध कराने वाले साधन के बजाय लेनदेन पूरा करने वाली तकनीक के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी बढ़ रही है।
छोटे भुगतानों में हो सकता है बड़ा बदलाव
एजेंट आधारित भुगतान का सबसे बड़ा असर रोजमर्रा के छोटे और दोहराए जाने वाले लेनदेन पर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, उपयोगकर्ता किसी AI एजेंट को निर्धारित सीमा के भीतर नियमित भुगतान करने की अनुमति दे सकता है। इसके बाद एजेंट को हर बार भुगतान के लिए अलग से हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हो सकती है।
हालांकि, सुविधा बढ़ने के साथ सुरक्षा और उपयोगकर्ता नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे। AI एजेंट को भुगतान की अनुमति मिलने पर गलत निर्देश, धोखाधड़ी, अनधिकृत लेनदेन या एजेंट द्वारा गलत निर्णय लेने की स्थिति में नुकसान का जोखिम भी पैदा हो सकता है। इसलिए भुगतान सीमा, पूर्व-अनुमति, लेनदेन की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी।
NPCI का प्रस्तावित प्रोटोकॉल UPI को अगले चरण की स्वचालित डिजिटल भुगतान व्यवस्था की ओर ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह व्यवस्था बड़े स्तर पर लागू होती है, तो उपयोगकर्ता और डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बीच बातचीत का तरीका बदल सकता है। फिलहाल, ‘Unified Agent Protocol’ के अंतिम नियम, उपयोग की सीमाएं और सुरक्षा मानक आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक कार्यप्रणाली स्पष्ट होगी।
