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Policy Watch

अमेरिका का बड़ा एक्शन: ‘बर्थ टूरिज्म’ नेटवर्क पर शिकंजा, सैकड़ों वीजा रद्द

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJune 12, 2026No Comments4 Mins Read
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अमेरिकी प्रशासन ने जन्म आधारित नागरिकता के लिए वीजा दुरुपयोग करने वाले नेटवर्कों पर सख्त कार्रवाई की।
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वॉशिंगटन। अमेरिका ने “बर्थ टूरिज्म” यानी जन्म के जरिए नागरिकता हासिल कराने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए यूरोप और अफ्रीका से आए सैकड़ों विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उन संगठित गिरोहों के खिलाफ की गई है जो विदेशी नागरिकों को अमेरिका में बच्चे के जन्म के लिए यात्रा कराने और बाद में उनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने की व्यवस्था कर रहे थे।

यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक नीति का हिस्सा बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी वीजा और नागरिकता प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि इन नेटवर्कों का संचालन व्यक्तिगत स्तर पर नहीं बल्कि संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें एजेंट, कंसल्टेंट और बिचौलिए शामिल थे।

विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि यूरोप, पश्चिम अफ्रीका और उत्तरी अफ्रीका में अमेरिकी दूतावासों ने ऐसे कई नेटवर्कों का पता लगाया जो गर्भवती महिलाओं को टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका भेजने की योजना बनाते थे। इसके बाद वहां रहने की व्यवस्था, अस्पताल में डिलीवरी और कानूनी प्रक्रियाओं तक का पूरा इंतजाम किया जाता था।

अधिकारियों के अनुसार ये नेटवर्क वीजा इंटरव्यू की तैयारी कराने से लेकर दस्तावेजों को व्यवस्थित करने तक में मदद करते थे ताकि यात्रा का असली उद्देश्य छिपाया जा सके। कई मामलों में इन कंपनियों ने लोगों को यह भी सिखाया कि वीजा इंटरव्यू के दौरान क्या जवाब देने हैं।

विदेश विभाग ने कहा, “हमने इन्हें बंद कर दिया, वीजा रद्द किए और कई लोगों को हमेशा के लिए अमेरिका में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया।” विभाग ने इसे वीजा दुरुपयोग और धोखाधड़ी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया।

जानकारी के अनुसार, एक यूरोपीय देश में स्थित अमेरिकी दूतावास ने 2024 से अब तक 400 से अधिक संदिग्ध मामलों की पहचान की। जांच में सामने आया कि कम से कम छह कंपनियां इस तरह की गतिविधियों में शामिल थीं, जो वीजा इंटरव्यू की रणनीति तैयार कराती थीं और यात्रा का उद्देश्य छिपाने में मदद करती थीं।

इसी तरह पश्चिम अफ्रीका और उत्तरी अफ्रीका में भी समान नेटवर्क का पता चला है। एक पश्चिम अफ्रीकी देश में 100 से अधिक लोगों के समूह की पहचान की गई, जिन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और बिचौलियों की मदद से अमेरिका में जन्म के लिए वीजा प्राप्त किया।

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अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इन सभी नेटवर्कों को बंद कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आगे की जांच जारी है ताकि अन्य संभावित मामलों का भी पता लगाया जा सके।

उत्तरी अफ्रीका में भी 100 से अधिक वीजा रद्द किए गए, जो उन लोगों से जुड़े थे जिन्होंने मुख्य रूप से अमेरिका में बच्चे के जन्म के लिए यात्रा की थी ताकि उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल सके।

विदेश विभाग ने कहा कि कांसुलर अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर संदिग्ध पैटर्न की पहचान कर रही हैं, जिसमें एक जैसे आवेदन, बार-बार यात्रा और समूह में वीजा आवेदन शामिल हैं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वीजा “अधिकार नहीं बल्कि विशेषाधिकार” है और इसका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि जन्म आधारित नागरिकता प्रणाली का दुरुपयोग रोका जाना चाहिए, खासकर उन मामलों में जहां माता-पिता अस्थायी वीजा पर देश में आते हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में जारी एक कार्यकारी आदेश में भी जन्म आधारित नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की गई थी, हालांकि कई अदालतों ने इसे असंवैधानिक बताते हुए लागू नहीं होने दिया।

अब यह मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां इसकी सुनवाई पूरी हो चुकी है और जल्द ही अंतिम निर्णय आने की उम्मीद है। इस फैसले का असर अमेरिका की नागरिकता नीति और आव्रजन प्रणाली पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और दुनिया भर में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि वीजा और नागरिकता प्रणाली के किसी भी दुरुपयोग को रोका जा सके।

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