बेंगलुरु। घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी और रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों के साथ कथित छल के मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए दो और चार्जशीट विशेष CBI अदालत, बेंगलुरु में दाखिल की हैं। ये इस व्यापक जांच की 14वीं और 15वीं चार्जशीट हैं, जिनमें बेंगलुरु स्थित दो बिल्डर कंपनियों, उनके निदेशकों तथा तीन वित्तीय संस्थानों के कुछ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों मामले Ithaca Estate Pvt. Ltd. और LGCL Urban Homes (India) LLP की आवासीय परियोजनाओं से जुड़े हैं। आरोप है कि बिल्डर कंपनियों ने कथित रूप से बैंक अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रची तथा घर खरीदारों और निवेशकों को भ्रामक आश्वासन और कथित फर्जी प्रस्तुतियों के आधार पर संपत्ति खरीदने के लिए प्रेरित किया।
पहली चार्जशीट में Ithaca Estate Pvt. Ltd., उसके निदेशक तथा HDFC Bank Ltd., ICICI Bank Ltd. और Indiabulls Housing Finance Ltd. के कुछ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। दूसरी चार्जशीट LGCL Urban Homes (India) LLP और उसके निदेशक के खिलाफ दाखिल की गई है।
CBI का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से अवैध और भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल कर वित्तीय लाभ प्राप्त किया। एजेंसी का आरोप है कि खरीदारों और निवेशकों को परियोजनाओं के संबंध में ऐसे आश्वासन दिए गए जो बाद में कथित रूप से भ्रामक साबित हुए।
इसी आधार पर CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत में प्रस्तुत चार्जशीट में जांच के दौरान एकत्र किए गए विभिन्न दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का भी उल्लेख किया गया है।
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यह जांच देशभर में रियल एस्टेट परियोजनाओं में घर खरीदारों के धन के कथित दुरुपयोग और बिल्डरों द्वारा कथित धोखाधड़ी के मामलों की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत विभिन्न राज्यों की कई परियोजनाओं और बिल्डर कंपनियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
CBI के अनुसार, वर्तमान में देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों तथा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों से जुड़े 34 अन्य मामलों की जांच भी जारी है। एजेंसी इन मामलों में वित्तीय लेनदेन, परियोजनाओं के लिए जुटाए गए धन के उपयोग और कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है।
ताजा चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही इस अभियान के तहत अब तक कुल 15 आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इससे पहले भी कई प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इन मामलों में वित्तीय संस्थानों के कुछ अधिकारियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले की सुनवाई अब विशेष CBI अदालत में होगी, जहां अदालत आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल आरोप पत्र दाखिल किया जाना जांच का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
