नई दिल्ली। सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर में कथित आतंकी हमले की एक बड़ी साजिश को विफल करने का दावा करते हुए छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी गिरोह के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। इसी बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करते हुए उसे कथित साजिश का प्रमुख सूत्रधार बताया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरोह का एक मॉड्यूल कथित तौर पर राणा हुनैन संचालित कर रहा था। इस मॉड्यूल से जुड़े दो संदिग्धों, दानिश उर्फ चांद मियां (24) और सलमान (20), दोनों निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, को दिल्ली के विजय घाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि दूसरे मॉड्यूल से जुड़े चार अन्य आरोपियों—जुबेर खान (24) निवासी मोदीनगर, अली फजल (26) और तैयब (27) निवासी मेरठ तथा मलकीत सिंह (36) निवासी अमृतसर—को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल कथित रूप से हथियारों की तस्करी से जुड़ा हुआ था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्धों के कब्जे से तीन पेट्रोल बम (मोलोटोव कॉकटेल), तीन आधुनिक पिस्तौल, पांच कारतूस, दो कारें, एक मोटरसाइकिल और ₹2,000 नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इनमें पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलरों से संबंधित फोटो, वीडियो और चैट मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में दावा किया है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की साजिश लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद ने पाकिस्तान से रची थी। आरोपपत्र के अनुसार, वह कथित तौर पर सीमा पार से पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहा था और आतंकियों को निर्देश दे रहा था। एनआईए ने उसे व्यक्तिगत रूप से तथा लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में आरोपी बनाया है।
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एनआईए के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान से भारत के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों और सीमा पार आतंकी साजिशों में उसकी भूमिका रही है। यह पूरक आरोपपत्र पहले दाखिल किए गए 1,597 पृष्ठों के मूल आरोपपत्र के अतिरिक्त प्रस्तुत किया गया है, जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और अन्य जांच सामग्री शामिल है।
एनआईए के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक सहित कुल 26 लोगों की मृत्यु हुई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मामले की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंप दी थी।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि कराची में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी की बरसी के अवसर पर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के वरिष्ठ आतंकियों तथा आईएसआई अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस बैठक में भारत के खिलाफ कथित आतंकी गतिविधियों और जम्मू-कश्मीर में हथियार पहुंचाने की योजनाओं पर चर्चा हुई थी। एजेंसी का कहना है कि पूरे नेटवर्क और सीमा पार कथित साजिश की जांच अभी जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
